Home छत्तीसगढ़ सूरजपुर-कलेक्टर ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं उद्यानिकी विभागों की समीक्षा कर दिए...

सूरजपुर-कलेक्टर ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं उद्यानिकी विभागों की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश……………..

5
0

सूरजपुर/25 जून 2026/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने विगत दिवस कृषि एवं संबद्ध विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी, डीआरसीएस, सीसीबी नोडल अधिकारी तथा सहकारी समितियों के प्रबंधक उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने पशुपालक किसानों को पशुओं के चारे एवं फीडिंग के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने, उद्यानिकी फसलों तथा मत्स्य पालन के लिए भी केसीसी के तहत ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने समितिवार केसीसी ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का कारण जाना और बिना उचित कारण आवेदन लंबित रखने पर संबंधितों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि उद्यानिकी फसल लेने वाले किसान यदि पूर्व में ली गई फसल के स्थान पर दूसरी फसल के लिए ऋण आवेदन करते हैं तो उन्हें केसीसी ऋण का लाभ प्रदान किया जाए।
धान खरीदी के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन को आवश्यक बताते हुए कलेक्टर ने पात्र किसानों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान वर्तमान खरीफ सीजन को देखते हुए समितिवार बीज भंडारण एवं खाद-बीज वितरण की भी जानकारी ली गई।


मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रतापपुर के खोरमा में निर्माणाधीन मत्स्य प्रक्षेत्र की प्रगति की जानकारी ली गई। जिले में झींगा एवं सजावटी मछली उत्पादन, अमृत सरोवरों तथा मनरेगा डबरियों में मत्स्य उत्पादन की संभावनाओं, सक्रिय एवं निष्क्रिय तालाबों की स्थिति तथा जिले की कुल मत्स्य उत्पादन क्षमता पर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर ने मत्स्य पालन को पशुपालन एवं उद्यानिकी गतिविधियों के साथ जोड़कर एकीकृत आजीविका मॉडल विकसित करने की संभावनाएं तलाशने तथा कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने मछली पालन के साथ बतख पालन को बढ़ावा देने, जिले में मत्स्य उत्पादन क्षमता के विकास तथा केज कल्चर के विस्तार के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान करने के निर्देश भी दिए।
पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान पशु स्वास्थ्य सेवाओं, पशु चिकित्सालयों, कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों, उपकेंद्रों, पशु औषधालयों, नस्ल सुधार कार्यक्रमों तथा टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके साथ ही पशुओं के लिए हरे चारे के उत्पादन, उन्नत नस्ल की बकरी पालन, पॉल्ट्री, सूकर, बतख पालन एवं डेयरी उत्पादन की प्रगति की भी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में उद्यानिकी फसलों, शहद, सब्जी एवं मसाला फसलों के उत्पादन पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने मत्स्य तालाबों की मेड़ों पर पौधारोपण को बढ़ावा देने, स्व-सहायता समूहों को फूल उत्पादन से जोड़ने तथा अदरक, हल्दी, धनिया और मिर्च जैसी मसाला फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में समन्वित प्रयासों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और जिले की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के लिए सभी विभागों को प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here