विशेष समाचार (डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर शहडोल) बेनी माधव कुशवाहा
सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई
श्रावण मास के पावन तृतीय सोमवार एवं नागपंचमी के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों, क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई। यह पर्व भगवान शिव की आराधना, प्रकृति के संरक्षण और नागदेवता के प्रति श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।

नागपंचमी के दिन श्रद्धालु नागदेवता की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं खुशहाली की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव के गले में नाग विराजमान हैं, इसलिए सावन मास में नागदेवता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन शिव मंदिरों में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं पूजन-अर्चन कर भगवान भोलेनाथ और नागदेवता से आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
श्रावण सोमवार के अवसर पर मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
नागपंचमी हमें प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान एवं संरक्षण का संदेश भी देती है। इस पावन पर्व पर सभी लोग आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के साथ पर्व मनाएं।
भगवान भोलेनाथ एवं नागदेवता की कृपा सभी पर बनी रहे और हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली आए।
श्रावण सोमवार एवं नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।

