एमपी में नगरों में निकलने वाले कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) बनाने का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में 15 नगरीय निकायों में सीबीजी के आठ प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो रहा है।
इन सीबीजी प्रोजेक्ट की लागत 282.44 करोड़ है। इनमें प्रतिदिन 1055 टन कचरे का इस्तेमाल होगा और 40 टन गैस का उत्पादन होगा। यह गैस नगरीय निकायों के इस्तेमाल के साथ बेची भी जाएगी।
नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने के लिए यह आठ सीबीजी प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इनमें से चार निकाय बुरहानपुर, खंडवा, मुरैना और सागर में क्लस्टर मॉडल पर प्रोजेक्ट चलेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सॉलिड वेस्ट को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। नियमों के तहत घरेलू कचरा प्रबंधन कार्यों की निगरानी और आदेशों के क्रियान्वयन के लिए 6 सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट एम्पॉवर्ड मॉनीटरिंग कमेटी (एससीएमसी) गठित की है। इसमें केन्द्रीय आवास, पर्यावरण, वन, पेयजल, ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों के अफसर शामिल हैं।
कोर्ट ने साफ किया है कि किसी भी राज्य को एससीएमसी के समक्ष लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए तय समय-सीमा से अधिक समय नहीं मिलेगा, इसके उल्लंघन पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी।
सॉलिड वेस्ट की लैंडफिल पर निर्भरता कम होगी। बायोगैस के रूप में स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होगा। शहरों के कचरे का नियमित निस्तारण होगा। नगरीय कचरे के आधार पर सर्कुलर इकोनॉमी का भी विकास होगा। गैस के उत्पादन से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत बढ़ेंगे।

