विशेष रिपोर्ट…….
🖊️(बेनी माधव कुशवाहा, जिला रिपोर्टर शहडोल)
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले अंतर्गत ग्राम पंचायत सीधी इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। नौतपा शुरू होते ही तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
गांव के गरीब, मजदूर वर्ग, बुजुर्ग और छोटे बच्चे इस तपती गर्मी में सबसे अधिक परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहता है, वहीं जरूरी कार्यों के लिए बाहर निकलने वाले लोग तेज धूप और लू के थपेड़ों से जूझने को मजबूर हैं।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि इस भीषण गर्मी के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई है और न ही कहीं छाया या विश्राम के लिए अस्थायी शेड (बैठक व्यवस्था) बनाई गई है।
सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड और बाजार क्षेत्रों में भी राहत के कोई इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर साल नौतपा के दौरान प्रशासन द्वारा पानी के टैंकर, प्याऊ और छायादार विश्राम स्थल जैसी व्यवस्थाएं की जाती थीं, लेकिन इस बार ऐसी कोई ठोस पहल देखने को नहीं मिल रही है।
इससे लोगों में नाराजगी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

लगातार बढ़ता तापमान हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है, जिससे विशेषकर बुजुर्ग और बच्चे खतरे में हैं।
इसके बावजूद स्वास्थ्य और राहत से जुड़े विभागों की सक्रियता सवालों के घेरे में है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से—
प्रमुख स्थानों पर प्याऊ
(पीने के पानी) की व्यवस्था की जाए
अस्थायी छायादार शेड और विश्राम स्थल बनाए जाएं
स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीट स्ट्रोक से बचाव हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाए
जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकर उपलब्ध कराए जाएं
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नौतपा की इस भीषण गर्मी में जहां एक ओर प्रकृति अपना कहर बरसा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही हालात को और गंभीर बना रही है।
यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और विकराल हो सकती है।
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