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शहडोल- गंगा दशहरा पर खानापूर्ति बनी “जल गंगा अभियान” — ग्राम पंचायत सीधी के बड़े तालाब की अधूरी सफाई,………….

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📍 विशेष समाचार | जिला रिपोर्टर: बेनी माधव कुशवाहा (शहडोल)

शहडोल जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत सीधी में गंगा दशहरा एवं “जल गंगा अभियान” के तहत बड़े तालाब की सफाई का कार्य किया गया, लेकिन यह प्रयास पूरी तरह संतोषजनक नहीं रहा।

ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार, तालाब की सफाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई और अधिकांश हिस्सा अब भी गंदगी व जलकुंभी से भरा हुआ है।

इस कार्यक्रम में सरपंच, उपसरपंच, पंच एवं सचिव की उपस्थिति जरूर रही, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता बेहद कमजोर दिखाई दी।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को दिखाने के लिए केवल सीमित क्षेत्र में सफाई की गई, जबकि तालाब का बड़ा हिस्सा उपेक्षित छोड़ दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और जल संकट के समय इस प्रकार की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। “जल संरक्षण” जैसे महत्वपूर्ण अभियान को गंभीरता से लागू करने के बजाय पंचायत द्वारा इसे महज दिखावे तक सीमित रखना, प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिली है कि सफाई कार्य में न तो पर्याप्त मजदूर लगाए गए और न ही मशीनों का समुचित उपयोग किया गया, जिसके कारण कार्य अधूरा ही रह गया।

इससे स्पष्ट होता है कि पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताएं हैं

ग्रामीणों एवं जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की
तालाब की पूर्ण एवं स्थायी सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जल संरक्षण का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को मिल सके।

गंगा दशहरा जैसे पावन अवसर पर “जल गंगा अभियान” का इस तरह अधूरा और लापरवाहीपूर्ण क्रियान्वयन न केवल सरकारी योजनाओं की साख पर सवाल उठाता है, बल्कि ग्रामीणों की उम्मीदों को भी आहत करता है।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या ठोस कदम उठाता है।

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