इस बार होने वाली डिजिटल जनगणना बिलासपुर के एड्रेस सिस्टम को पूरी तरह बदलने जा रही है। पहली बार हर घर को यूनिक लोकेशन आईडी दी जाएगी, जिससे न केवल पहचान आसान होगी बल्कि इमरजेंसी सेवाओं और डिलीवरी सिस्टम में भी बड़ा बदलाव आएगा।
जनगणना के दौरान कर्मचारियों द्वारा विशेष मोबाइल एप के माध्यम से हर मकान की लोकेशन अक्षांश-देशांतर के आधार पर दर्ज की जाएगी। इससे हर घर का सटीक डिजिटल एड्रेस तैयार होगा,
ऑनलाइन डिलीवरी और भविष्य में शुरू होने वाली ड्रोन डिलीवरी सेवाओं के लिए भी यह सिस्टम बेहद उपयोगी साबित होगा। डिलीवरी बॉय को अब बार-बार कॉल कर पता पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी,

शहर में सडक़, पानी, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकेगी। साथ ही संपत्ति और किरायेदारों का रिकॉर्ड व्यवस्थित होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों में कमी आएगी।
अधिकांश शहरी क्षेत्रों में जनगणना के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और आवास गणना के दौरान प्रगणकों को कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहरों में बड़ी संख्या में लोग नौकरी या अन्य कारणों से दिनभर घर से बाहर रहते हैं।

