Home छत्तीसगढ़ “कोयपुनेम धर्मदर्शन बना राष्ट्रीय एकता और पहचान का मंच — गोंडवाना की...

“कोयपुनेम धर्मदर्शन बना राष्ट्रीय एकता और पहचान का मंच — गोंडवाना की राजनीतिक चेतना को मिली नई धार”……..

26
0

📍 विशेष रिपोर्ट | Nilesh Soni
अनूपपुर (मध्यप्रदेश)

ग्राम बसखली, तहसील कोतमा, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश) में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय कोयपुनेम धर्मदर्शन कार्यक्रम अब केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा,

बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर गोंडवाना समाज की सांस्कृतिक अस्मिता और राजनीतिक जागरूकता का सशक्त मंच बनकर उभरा है।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम की सहभागिता ने कार्यक्रम को एक नई राजनीतिक दिशा प्रदान की।

उनके संबोधन में गोंडवाना समाज के अधिकार, पहचान और संवैधानिक हिस्सेदारी को लेकर स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान “जय सेवा, जय गोंडवाना” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा, जो यह संकेत देता है कि अब गोंडवाना समाज केवल सांस्कृतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी संगठित और सक्रिय हो रहा है।

🔶 धर्म और राजनीति का संगम

कोयपुनेम धर्मदर्शन के माध्यम से आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और आध्यात्मिक विचारों को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की कोशिश की गई।

यह आयोजन इस बात का प्रतीक बन गया कि गोंडवाना समाज अपनी जड़ों से जुड़ते हुए अब अपने अधिकारों की लड़ाई को राजनीतिक रूप से भी मजबूती दे रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर उभरती ताकत

विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन गोंडवाना क्षेत्र में राजनीतिक ध्रुवीकरण को तेज कर सकते हैं और आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति में GGP की भूमिका और प्रभाव को बढ़ा सकते हैं।

युवाओं में बढ़ता जोश

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी देखने को मिली, जो यह दर्शाता है कि नई पीढ़ी अब अपनी पहचान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी को लेकर गंभीर हो चुकी है।

बसखली का यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि गोंडवाना समाज के लिए एक राष्ट्रीय संदेश है—
“अब समय है एकजुट होकर अपनी पहचान और अधिकार की लड़ाई को नई दिशा देने का।”

✊🏻 जय सेवा, जय गोंडवाना ✊🏻

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here