खबर: निलेश सोनी…..
“अधिकारियों की गैरहाजिरी से योजनाओं का लाभ ठप, प्रशासनिक कार्रवाई की उठी मांग”
सोनहत क्षेत्र में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ब्लॉक मुख्यालय स्थित कृषि कार्यालय इन दिनों अव्यवस्था और लापरवाही का अड्डा बनता जा रहा है।
ताजा मामला उस समय सामने आया जब एक 70 वर्षीय किसान 13 किलोमीटर साइकिल चलाकर अपनी समस्या लेकर कार्यालय पहुंचा, लेकिन वहां न तो कोई जिम्मेदार अधिकारी मिला और न ही कोई समाधान।
सूत्रों के अनुसार, किसान सोलर पंप योजना के आवेदन के संबंध में जानकारी लेने आया था।
भीषण गर्मी के बीच लंबा सफर तय कर पहुंचे किसान को कार्यालय में केवल एक चपरासी मिला, जिसने साफ तौर पर कह दिया कि “साहब आज नहीं आएंगे।”
हैरानी की बात यह है कि संबंधित अधिकारी का कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित न रहना यहां की आम समस्या बन चुकी है।


ग्रामीणों का आरोप है कि कृषि विभाग के अधिकारी अक्सर अनुपस्थित रहते हैं और कभी-कभार ही दूसरे स्थानों से आकर औपचारिकता निभाते हैं।
इस लापरवाही के चलते दूर-दराज से आने वाले किसानों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे न केवल उनका समय और पैसा बर्बाद हो रहा है बल्कि वे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से भी वंचित रह जाते हैं।
प्रशासनिक दृष्टि से यह मामला गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। जिम्मेदार अधिकारियों की गैरहाजिरी और कार्य में उदासीनता सीधे तौर पर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए।
यदि समय रहते इस दिशा में कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसानों के बीच असंतोष और अविश्वास को और गहरा सकती है।

