दुर्ग में अवैध हथियार और नशीली दवाइयों के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस ने कंट्रोल रूम में कूरियर कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
पुलिस अधिकारियों ने साफ तौर पर बताया कि नशीली दवाइयों और अवैध हथियारों का परिवहन, भंडारण और व्यापार गंभीर अपराध है।प्रतिनिधियों को NDPS Act और Arms Act से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई, ताकि वे समझ सकें कि इन कानूनों का उल्लंघन करने पर क्या सजा हो सकती है।

पुलिस ने निर्देश दिया कि पार्सल बुक करते समय भेजने वाले की पहचान जरूर जांची जाए।इसके लिए KYC प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया। साथ ही किसी भी संदिग्ध पार्सल को बिना जांच के आगे न बढ़ाया जाए।

पुलिस अधिकारियों ने स्कैनिंग प्रक्रिया को मजबूत करने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि अगर किसी पार्सल में शक हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए।इसके अलावा हर हब और गोदाम में CCTV कैमरे लगाने और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के लिए भी कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में मदद मिल सके। पुलिस ने सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे नियमों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को नजरअंदाज न करें।

