छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन में हो रही देरी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है
।हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 7 मई से पहले सभी एडमिशन पूरे किए जाएं। साथ ही इस काम के लिए एक साफ और पूरी कार्ययोजना भी पेश करने को कहा है। दरअसल प्रदेश में नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो गया है,
बता दें कि प्रदेश भर के स्कूलों में आरटीई के तहत 38 हजार 438 आवेदन मिले हैं, जिसमें से 23 हजार 766 यानी 62% की ही जांच पूरी हुई है।

एडमिशन प्रक्रिया के अनुसार आरटीई के तहत छात्र पंजीयन की अंतिम तिथि 31 मार्च रखी गई थी। काउसलिंग प्रक्रिया में 13 से 17 अप्रैल तक लाटरी और सीट आवंटन किया गया। इसके बाद छात्रों को एक से 30 मई तक प्रवेश लेना होगा।
इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि पहले चरण की लाटरी निकाल ली गई है। इसमें 15 हजार छात्रों को सीटें आवंटित हुई हैं। इन्हें 1 से 30 मई तक एडमिशन लेना होगा। इसके बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी होगी।

