📍 शहडोल (मध्य प्रदेश) | विशेष रिपोर्ट बेनी माधव कुशवाहा
जिला रिपोर्टर
धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम ग्राम चितरांव, जनपद पंचायत जयसिंहनगर, जिला शहडोल में देखने को मिल रहा है,
जहाँ 14 अप्रैल 2026 से 22 अप्रैल 2026 तक संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
यह आयोजन माँ दुर्गा मंदिर, चितरांव में संपन्न होगा, जो पूरे क्षेत्र के लिए श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गया है।
इस पावन अवसर पर प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 11:00 बजे तक पारायण तथा दोपहर 3:30 बजे से सायं 7:30 बजे तक कथा का रसपान कराया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य रतिकृष्ण महाराज जी (वृंदावन धाम) अपनी मधुर वाणी से श्रीकृष्ण भक्ति और श्रीमद् भागवत की दिव्य कथाओं का वर्णन करेंगे।
आयोजकों के अनुसार यह धार्मिक अनुष्ठान भगवान श्रीकृष्ण की असीम कृपा से आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने परिवार सहित इस पुण्य अवसर पर उपस्थित होकर कथा श्रवण का लाभ प्राप्त करें।
📖 कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:
14 अप्रैल: कलश शोभा यात्रा के साथ शुभारंभ
15 अप्रैल: भागवत माहात्म्य कथा
16 अप्रैल: परीक्षित जन्म एवं भगवान के अवतार
17 अप्रैल: कपिल देव-देवहूति संवाद, ध्रुव चरित्र
18 अप्रैल: श्रीराम अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
19 अप्रैल: श्रीकृष्ण बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजन
20 अप्रैल: महारास एवं रुक्मिणी विवाह उत्सव
21 अप्रैल: सुदामा चरित्र, फूलों की होली, हवन
22 अप्रैल: पूर्णाहुति एवं भंडारा
कार्यक्रम के आयोजक समस्त ग्रामवासी चितरांव एवं आसपास के क्षेत्र के लोग हैं, जो इस आयोजन को सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से जुटे हुए हैं।
🙏 धर्म, भक्ति और संस्कृति का यह महायज्ञ न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक चेतना का संदेश दे रहा है।
भक्ति का आह्वान:
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस पुण्य अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण, भजन-कीर्तन और सेवा के माध्यम से अपने जीवन को धन्य बनाएं।
यह आयोजन केवल एक गांव का नहीं, बल्कि समस्त सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है।
✨ चितरांव की पावन धरा इन दिनों सचमुच “वृंदावन” का रूप ले चुकी है, जहाँ हर हृदय में श्रीकृष्ण बस रहे हैं और हर आत्मा भक्ति रस में डूबकर परम आनंद का अनुभव कर रही है।

