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“सनातन चेतना का महासंगम: 15 मई से शहडोल में 11 कुंडी श्री विष्णु महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा, देशभर के संतों का होगा दिव्य आगमन”

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📍 विशेष रिपोर्ट | बेनी माधव कुशवाहा, जिला रिपोर्टर शहडोल

आस्था, भक्ति और संस्कृति का विराट उत्सव—हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना, धर्म-जागरण का बनेगा राष्ट्रीय केंद्र

मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में आगामी 15 मई 2026 से सनातन धर्म की अलौकिक छटा बिखेरने वाला एक भव्य धार्मिक आयोजन प्रारंभ होने जा रहा है।

वीरेश्वर नाथ धाम में आयोजित होने वाला 11 कुंडी श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनने जा रहा है।

यह आयोजन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और जनकल्याण की भावना को समर्पित है, जहां यज्ञ की पवित्र अग्नि में आहुतियों के साथ-साथ मानव जीवन के कल्याण और विश्व शांति की कामना की जाएगी। आयोजन स्थल को भव्य यज्ञशाला और विशाल कथा पंडाल के रूप में सजाया जा रहा है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

आयोजन समिति के अनुसार, यह महायज्ञ विश्वविख्यात यज्ञाचार्य श्री 108 श्री भगवत कृष्ण शास्त्री जी (वृंदावन) के सान्निध्य में संपन्न होगा।

वहीं, श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य रसपान श्रद्धालुओं को सुश्री साक्षी किशोरी जी के श्रीमुख से प्राप्त होगा, जिससे भक्तों को भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम संगम मिलेगा।

इस आध्यात्मिक महापर्व में देश के कई प्रतिष्ठित संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति प्रस्तावित है। विशेष रूप से ज्योतिषाचार्य श्री 108 श्री एस्ट्रो गोपाल जी महाराज, गोवर्धन पीठाधीश्वर श्री 108 श्री अवध महाराज जी, तथा महामंडलेश्वर श्री 108 श्री नीलमणि दास जी महाराज के सान्निध्य से आयोजन की दिव्यता और भी बढ़ेगी।

साथ ही, प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आगमन की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।

इस आयोजन के दौरान न केवल धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और आध्यात्मिक जागरण का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा।

विशाल भंडारा, धर्मसभा और सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को सेवा, समर्पण और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

स्थानीय क्षेत्र सहित आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिससे यह आयोजन एक राष्ट्रीय आध्यात्मिक महाकुंभ का रूप लेता नजर आ रहा है।

➡️ विशेष आकर्षण:

11 कुंडी श्री विष्णु महायज्ञ की दिव्य आहुति

श्रीमद्भागवत कथा का अमृतमय रसपान

देशभर के संत-महात्माओं का सान्निध्य

विशाल भंडारा, धर्मसभा एवं सत्संग

यह भव्य आयोजन न केवल शहडोल, बल्कि पूरे देश के लिए आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक बनने जा रहा है

—जहां धर्म, ज्ञान और भक्ति का त्रिवेणी संगम साकार होगा।

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