मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने शनिवार देर रात राज्य सेवा परीक्षा 2023 का फाइनल परिणाम जारी किया। घोषित परिणाम में रतलाम जिले के ग्राम रावटी निवासी सिद्धार्थ मेहता (लक्की) का चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ है। जैसे ही यह खबर रावटी पहुंची, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। सिद्धार्थ के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों ने उन्हें गले लगाकर मिठाई खिलाई और घर के बाहर जमकर आतिशबाजी की। गांव के लोगों ने ढोल-ढमाके के साथ उनकी सफलता का जश्न मनाया।
गांव के स्कूल से शुरू हुई शिक्षा, अब बने अफसर
28 वर्षीय सिद्धार्थ मेहता ने आठवीं तक की पढ़ाई अपने ही गांव के स्कूल से की, जबकि दसवीं और बारहवीं की शिक्षा रतलाम के एक निजी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने बी.कॉम की पढ़ाई प्राइवेट माध्यम से की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया। सिद्धार्थ के पिता शांतिलाल मेहता गांव में किराना दुकान चलाते हैं और बड़े भाई श्रेयांस मेहता (शेलू) भी इसी काम में सहयोग करते हैं। मां ज्योति मेहता गृहणी हैं। बेटे की सफलता से परिवार और पूरा गांव गौरवान्वित है।
“बचपन से ही था अफसर बनने का सपना”
अपनी सफलता पर भावुक सिद्धार्थ मेहता ने बताया — “बचपन से ही मेरा सपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का था। मैंने सात बार एमपीपीएससी परीक्षा दी। 2019 में इंटरव्यू तक पहुंचा था, लेकिन चयन नहीं हो पाया। इस बार पूरी उम्मीद थी, और जब परिणाम आया तो मेरा सपना सच हो गया।” उन्होंने आगे कहा कि प्रशासनिक अधिकारी का पद केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज और देश के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी भी है। “मुझे जो भी दायित्व दिया जाएगा, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाऊंगा,” — सिद्धार्थ ने कहा।
गांव में खुशी का माहौल
रावटी में सिद्धार्थ के घर पहुंचकर ग्रामीणों ने मिठाइयां खिलाकर, पुष्पहार पहनाकर और आतिशबाजी कर उनका स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में इस सफलता की चर्चा है और सोशल मीडिया पर भी सिद्धार्थ को बधाइयों की बाढ़ आ गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सिद्धार्थ की सफलता ने रतलाम जिले का नाम रोशन किया है और उन्होंने युवाओं के लिए नई प्रेरणा पेश की है।



