जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर में आम जनता ने जिला पंचायत सीईओ की कार्यशैली और व्यवहार की सराहना की है, लेकिन दूसरी ओर पंचायत लोकपाल पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत लोकपाल हर पंचायत में घूम-घूमकर अवैध रूप से पैसे वसूल रहे हैं। लोगों का सवाल है कि — क्या शासन ने लोकपाल नियुक्त किया है या “वसूली अधिकारी”?
जनता का आरोप है कि कोरिया जिला आज वसूली करने वालों से त्रस्त हो चुका है। वहीं विधायक के प्रतिनिधियों पर भी वसूली में शामिल होने के आरोप हैं — कहा जा रहा है कि विधायक के 16 में से सभी 16 प्रतिनिधि विभिन्न स्तरों पर रकम वसूलने में लगे हुए हैं।
जानकार सूत्रों का कहना है कि कुछ लोग अब 40 लाख रुपये की महंगी गाड़ियों में घूम रहे हैं, जबकि पहले उनके पास आर्थिक तंगी थी। जनता का कहना है कि विधायक महोदय की नजर इस पूरी कार्यप्रणाली पर नहीं है, जिसके चलते भ्रष्टाचार का दायरा बढ़ता जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार जनपद अध्यक्ष और जनपद सीईओ द्वारा हर पंचायत से हर महीने लगभग ₹1,000 वसूलने की जानकारी प्राप्त हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि सचिव और सरपंच कितने ईमानदार हैं? ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव और सरपंच मिलकर पंचायतों का शोषण कर रहे हैं और आम जनता को केवल दिखावा दिखाया जा रहा है। आज स्थिति यह है कि कई सचिव और सरपंच 10 से 15 लाख रुपये की गाड़ियों में घूम रहे हैं। कुछ तो शोरूम के मालिक भी बन चुके हैं। सवाल यह उठता है कि — क्या ऊपर से लेकर नीचे तक पूरे सिस्टम में भ्रष्टाचार की श्रृंखला चल रही है?
अब सबकी निगाहें कोरिया कलेक्टर पर हैं कि क्या वे इस बढ़ते भ्रष्टाचार पर लगाम लगा पाएंगी। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, क्योंकि जो लोग खुद को “कलम का सिपाही” बताते हैं, वे भी अब इसी भ्रष्टाचार में लिप्त बताए जा रहे हैं। कई पत्रकार झूठी खबरें फैलाकर इसे व्यापार बना चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिनके पास कोई रोजगार नहीं, वे आज माइक लेकर अधिकारियों को भ्रमित करने में लगे हैं। कोरिया जिला भ्रष्टाचार का शिकार बन चुका है — भू-माफिया और सूदखोर 40 प्रतिशत ब्याज दर पर पैसा दे रहे हैं, जिससे गरीब और किसान वर्ग बुरी तरह पिस रहा है।
सूत्रों के अनुसार बैकुण्ठपुर में एक पूर्व खेल मंत्री के आशीर्वाद से एक व्यक्ति अचानक अरबपति बन चुका है। ग्रामीणों का सवाल है कि जिसके पास पहले 2,000 रुपये भी नहीं थे, वह आज करोड़ों का मालिक कैसे बन गया? यह जांच का गंभीर विषय है। विधायक के इर्द-गिर्द भी ऐसे लोगों की मंडली बताई जाती है जो सोसायटी और ठेकेदारी के नाम पर दलाली का काम करते हैं। यही लोग विधायक के नाम पर लोगों से पैसा वसूल रहे हैं। यह भी जांच का विषय है कि रायपुर से बैकुण्ठपुर के बीच कौन व्यक्ति ऐसे नेटवर्क को चला रहा है।
जनता का कहना है कि विधायक के आस-पास चापलूसों और झूठी खबरें फैलाने वालों की भीड़ लगी है, जबकि विधायक को सच्चाई का केवल 1 प्रतिशत हिस्सा भी नहीं बताया जाता। प्रशासनिक स्तर पर भी हालात बिगड़े हुए हैं — राजस्व विभाग में बाबू बिना रिश्वत कागज़ आगे नहीं बढ़ाते।
अब यह सब देखना जिला कलेक्टर और एसपी के हाथ में है कि क्या वे इस गहराते भ्रष्टाचार पर कार्रवाई कर पाएंगे। जनता का कहना है कि यदि अब भी लापरवाही जारी रही, तो “जिला भ्रष्टाचार की मंडी बन जाएगा।”



