रायपुर (छत्तीसगढ़) — राजधानी के मेकाहारा अस्पताल के मुख्य गेट के पास नवजात शिशु का शव मिला है, जो मानवता को झकझोड़ देने वाला मामला है। नवजात शिशु का शव अस्पताल के गेट के बाहर पाया गया, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। आरोप है कि नवजात को पॉलीथिन में लपेटकर, गेट पर फेंका गया था और आरोपी मौके से भाग गया। पुलिस ने घटना के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की है, आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि आरोपी का पता चले। इस तरह की घटना न सिर्फ अस्पताल की सुरक्षा व निगरानी‑प्रणाली पर बहुप्रश्न खड़े करती है, बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी बेहद गंभीर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य संस्थान और जनता के बीच विश्वास टूट रहा है — जब अस्पताल‑परिसरों में ऐसा वाकया होता है, तो अनेक बच्चों व माताओं की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।
अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर नवजात शिशु का शव मिलना ठोस संकेत है कि मूलभूत देखभाल, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था विफल हुई है। आरोपी द्वारा शव को बाहर फेंकना यह दिखाता है कि नैतिक और कानूनी दोनों ही तरह से चूक हुई है — इसे केवल ‘दुर्घटना’ नहीं कहा जा सकता। इससे अस्पताल‑प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन‑प्राधिकरण सभी पर जिम्मेदारी का दायित्व बनता है — सुधारवादी कदमों की आवश्यकता पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट है। सामाजिक‑मानवाधिकार दृष्टि से यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है कि नवजात की पहचान अभी तक निर्धारित नहीं हो सकी है, जिससे परिवार और समाज दोनों को अपार पीड़ा हुई है।



