पटना, बिहार। बिहार विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा राजनीतिक माहौल को गर्मा गया है। जहां-जहां योगी जी के कदम पड़े, वहां “बुलडोज़र बाबा” की चर्चा जोरों पर है। मंच से योगी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में विपक्ष पर तीखे हमले बोले और उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों का बखान करते हुए बिहार की जनता को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
योगी ने कहा कि “अखिलेश यादव के शासनकाल में उत्तर प्रदेश गुंडागर्दी और माफियाओं का अड्डा बन गया था। बहन-बेटियों का घर से निकलना मुश्किल था, लूटपाट और अपहरण आम बात थी।” उन्होंने गर्व से बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने प्रदेश को अपराधमुक्त बनाने का संकल्प लिया और “अपराधियों को मिट्टी में मिला देने” का काम किया।
योगी ने अपने भाषण में यह भी बताया कि जिन सरकारी जमीनों पर माफियाओं ने करोड़ों की अवैध इमारतें खड़ी कर रखी थीं, उन्हें बुलडोज़र से ध्वस्त कर गरीबों के हक में वापस किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य है — “माफिया से जमीन लेकर गरीबों को देना।”
बिहार के मंच से योगी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध, गुंडागर्दी, राशन घोटाला और चारा घोटाले जैसे मामलों ने राज्य की छवि को बदनाम किया है। उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि अब समय आ गया है कि “विकास की राजनीति” को चुना जाए, न कि “भ्रष्टाचार की परंपरा” को।
योगी ने मंच से एक पूर्व उपमुख्यमंत्री पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि “9वीं पास नेता राज्य का भविष्य तय कर रहे हैं — अब बिहार की जनता सब समझ चुकी है।”
जहां-जहां योगी पहुंचे, वहां बीजेपी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश देखा गया। भीड़ ने “जय श्रीराम” और “बुलडोज़र बाबा ज़िंदाबाद” के नारों से माहौल गूंजा दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी का यह दौरा बिहार की सियासत में बीजेपी के लिए “गेम चेंजर” साबित हो सकता है।
एक पंक्ति में कहा जाए तो —
“बिहार की सियासत में अब गूंज रहा है बुलडोज़र का शोर, योगी ने दिखा दिया यूपी वाला जोर !” 🚜🔥



