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छत्तीसगढ़ की स्थापना के 25 वर्ष पूरे — पीएम मोदी ने नवा रायपुर में नए विधानसभा भवन का किया शुभारंभ………….

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रायपुर — आज नवा रायपुर (अटल नगर) में नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की २५-वर्षीय यात्रा के अवसर पर नए विधान सभा भवन का भव्य उद्घाटन किया। यह आयोजन सिर्फ एक भवन उद्घाटन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोकतांत्रिक संस्थानों, विकास लक्ष्य और भविष्य की तैयारियों का प्रतीक भी रहा।

नए विधानसभा भवन का महत्व
  • भवन की लागत लगभग ₹324 करोड़ है, जिसे “मेक इन छत्तीसगढ़” की भावना से स्थानीय सामग्री, तकनीक व कारीगरों के द्वारा विकसित किया गया।
  • इसका निर्माण इस तरह किया गया है कि यह आने वाले 100 सालों तक कार्यात्मक बने रहे — भविष्य में सीटों की संख्या बढ़ने और परिसीमन आदि बदलावों को ध्यान में रखकर।
  • वास्तुकला में परंपरा और आधुनिकता का मिश्रण — सदन की छत पर धान-बालियाँ-पत्तियों की कलाकृति, बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्प से बने दरवाजे-फर्नीचर।
  • भवन में मुख्य विधानसभा हॉल, मंत्री व अध्यक्ष कार्यालय, मंत्री-कक्ष, मीडिया एवं दर्शक गैलरी, 700 वाहन पार्किंग की सुविधा सहित आधुनिक तकनीक व पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन शामिल है।
स्थापना दिवस एवं समारोह
  • छत्तीसगढ़ की स्थापना दिवस (राज्योत्सव) 1 नवंबर के दिन मनाया गया, जब यह राज्य मध्य प्रदेश से अलग हुआ था।
  • इस साल की 25 वीं वर्षगाँठ पर राज्य सरकार ने इसे रजत जयंती वर्ष के रूप में घोषित किया है, और समारोहों को पाँच दिन तक विस्तारित किया गया है।
  • उद्घाटन के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न विकास-परियोजनाओं का शुभारंभ भी हुआ, जिसमें सामाजिक, स्वास्थ्य, संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम शामिल थे।
पीएम मोदी का संदेश
  • प्रधानमंत्री मोदी ने नए भवन को “लोकतंत्र की तीर्थस्थली” (pilgrimage site of democracy) कहा।
  • उन्होंने इस भवन को संकेत माना कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने सिर्फ एक राज्य बनना नहीं बल्कि विकास व आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है—”संघर्ष से समृद्धि” की ओर। साथ ही उन्होंने स्थानीय संसाधनों, कारीगरी व क्षेत्रीय पहचान को सुदृढ़ करने पर जोर दिया, इस भवन को छत्तीसगढ़ की आत्मा का प्रतिबिंब कहा।
क्यों यह क्षण महत्वपूर्ण है?

2000 में राज्य गठन के समय विधानसभा काम टेंट व अस्थायी भवन में चलती थी, आज आधुनिक स्थायी भवन का उद्घाटन विकास-यात्रा का प्रतीक है। यह सिर्फ एक शिल्प नहीं, भविष्य की तैयारी है — बढ़ती जनसंख्या, बढ़ती अपेक्षाएँ, बदलती राजनीति व तकनीक को ध्यान में रखते हुए। राज्य की पहचान के लिए यह एक नया अध्याय है — “मेक इन छत्तीसगढ़”, ग्रामीण-शहरी समन्वय, संसाधन-आधारित विकास की दिशा।

आज का वेद एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि 25 वर्ष की यात्रा का संगम-बिंदु। जब राज्य ने कदम रखा था सीमित संसाधनों के साथ, और आज वह कदम एक नए, आधुनिक और परंपरा-समृद्ध भवन में बदल रहा है। यह उद्घाटन संकेत है कि छत्तीसगढ़ सिर्फ इतिहास के पन्नों में नहीं, भविष्य के पाठ में अग्रिम पंक्तियों में रहेगा।

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