जिले के गांव चर्चा में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब सुबह ग्रामीणों ने खेत के किनारे एक युवती का जला हुआ शव देखा। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची। शरीर बुरी तरह से जला हुआ था, पहचान करना मुश्किल था।
शुरुआत में यह मामला दुश्मनी या ऑनर किलिंग की दिशा में जाता दिखा, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी —
कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया।
कातिल तक पहुँची पुलिस – और खुला चौंकाने वाला राज़
पुलिस ने जब सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट्स के ज़रिए संदिग्धों की तलाश की, तो शक एक ऐसे व्यक्ति पर गया जो अक्सर महिला के वेश में गांव में घूमता था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को स्त्री भाव और महिला जैसी जिंदगी जीना बेहद पसंद था। वह रोजाना मेकअप करता, साड़ी पहनता और सोशल मीडिया पर महिला नामों से कई फेक प्रोफ़ाइल चला रहा था। इन अकाउंट्स के ज़रिए वह लड़कियों से दोस्ती करता और खुद को ‘महिला’ बताकर उनका भरोसा जीतता था।
वारदात की रात – खूनी साजिश का खौफनाक अंजाम
जांच में पता चला कि आरोपी की मुलाकात युवती से एक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए हुई थी। दोनों के बीच मुलाकातें बढ़ीं, लेकिन जब युवती को उसकी असली पहचान का पता चला — तो उसने रिश्ता तोड़ने और खुलासा करने की धमकी दी। बस, यही बात आरोपी को नागवार गुज़री। रात को उसने युवती को बहाने से मिलने बुलाया,
जहां पहले गला दबाकर उसकी हत्या की, फिर सबूत मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया।
हत्या के बाद कातिल का अजीब बर्ताव – चार बजे नहाने पहुँचा तालाब
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या के कुछ घंटों बाद ही आरोपी गांव के तालाब में सुबह चार बजे नहा रहा था, जैसे कुछ हुआ ही न हो। आंखों में कोई डर नहीं, चेहरा पूरी तरह शांत — पुलिस ने बताया कि वह घटना के बाद
“इतमीनान से घूम रहा था और लोगों से बात भी कर रहा था।” ग्रामीणों ने बताया कि उसे देखकर कोई शक तक नहीं कर पाया, क्योंकि वह अक्सर महिला के कपड़ों और मेकअप में ही नजर आता था।
मानसिक स्थिति पर भी उठे सवाल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की मानसिक स्थिति की जांच करवाई जा रही है। उसके व्यवहार से लगता है कि वह लंबे समय से जेंडर आइडेंटिटी डिसऑर्डर (Gender Dysphoria) से जूझ रहा था। हालांकि, यह उसकी क्रूरता को किसी भी तरह जायज़ नहीं ठहराता।
पुलिस का बयान
पुलिस अधीक्षक ने बताया — “आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसने अपराध कबूल कर लिया है सोशल मीडिया पर महिला प्रोफ़ाइल बनाकर वह कई युवतियों से संपर्क में था। अब उसके सभी डिजिटल अकाउंट और नेटवर्क की जांच की जा रही है।”
यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि पहचान, झूठ और मानसिक विकृति का भयानक मिश्रण है। जहां एक तरफ सोशल मीडिया ने लोगों को जोड़ा, वहीं इसने एक झूठी पहचान वाले कातिल को जन्म दिया। “अगर कातिल स्त्री भाव में था, तो क्या उस भाव के पीछे इंसानियत भी कहीं दब गई थी?”


