मध्यप्रदेश में अक्टूबर के आख़िरी हफ्ते में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 28 अक्टूबर को रतलाम, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, मंदसौर और नीमच सहित कई जिलों में बारिश के आसार हैं। राज्य में पिछले कुछ दिनों से चली आ रही हल्की ठंड पर फिलहाल बादलों का असर देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम दिशा से नमी भरी हवाएँ आ रही हैं, जिससे पश्चिमी मध्यप्रदेश के ज़िलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
🌦️ कहाँ-कहाँ बरस सकते हैं बादल
मौसम विभाग ने बताया कि — रतलाम, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, मंदसौर, नीमच में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। देवास, खरगोन और बड़वानी जिलों में बिजली चमकने और गरज के साथ बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है। जबकि भोपाल, सीहोर और राजगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।
⚡ मौसम विशेषज्ञों की राय
मौसम केंद्र इंदौर के वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार — “मध्यप्रदेश के पश्चिमी इलाकों में अरब सागर से नमी का प्रवाह बढ़ गया है। इसी वजह से 27-28 अक्टूबर को बादल छाए रहेंगे और कई जगह बारिश की स्थिति बनेगी। तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट भी दर्ज हो सकती है।” इस बारिश का असर फसल पर भी दिख सकता है — खासकर सोयाबीन की कटाई वाले इलाकों में किसान सतर्क रहने की अपील की गई है।
🌡️ तापमान में गिरावट और ठंड की दस्तक
मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। रतलाम, नीमच और मंदसौर जैसे इलाकों में रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट संभव है। इससे सुबह-शाम हल्की सर्दी का एहसास बढ़ेगा।
🚨 मौसम विभाग की चेतावनी – रहें सतर्क!
IMD ने नागरिकों को चेताया है कि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में न जाएँ और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
कृषि विभाग ने भी किसानों से अपील की है कि वे कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रख लें ताकि बारिश से नुकसान न हो।
अक्टूबर की विदाई भले ही नज़दीक हो, लेकिन बादलों ने अभी अलविदा नहीं कहा है। रतलाम से लेकर इंदौर तक एक बार फिर आसमान में बिजली चमक सकती है, और अगर मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हुई — तो मध्यप्रदेश की ज़मीन फिर एक बार “भीगने” को तैयार है।



