Home कोरिया बैकुण्ठपुर/कोरिया/CG : नगर पालिका में बढ़ता भ्रष्टाचार, नया मामला चर्चा में ?………

बैकुण्ठपुर/कोरिया/CG : नगर पालिका में बढ़ता भ्रष्टाचार, नया मामला चर्चा में ?………

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जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर नगर पालिका में भ्रष्टाचार का नया नमूना सामने आया है। जहां छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नगर के सौंदर्यीकरण हेतु लाखों रुपए की राशि भेजी गई थी, लेकिन नगर पालिका प्रशासन द्वारा नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। बताया जा रहा है कि, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता के लिए प्रत्येक स्थल पर कार्य की लागत और परियोजना विवरण दर्शाने वाला बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, किंतु नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ के निर्देशन में कहीं भी सूचना पटल नहीं लगाया गया। और शहर के प्रमुख स्थानों जैसे बाईसागर तालाब, प्रेमाबाग पुलिया, नए बस स्टैंड से लेकर आरईएस विभाग कार्यालय तक निर्माण कार्य तो हुआ, परंतु किसी भी जगह लागत या ठेकेदार की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। यहां तक कि अटल परिसर का निर्माण भी रहस्य बना हुआ है न यह पता है कि कितने लाख में कार्य हुआ, न यह कि अटल जी की प्रतिमा पर कितना खर्च हुआ। वहीं स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका में मनमानी और तानाशाही चरम पर है। मनपसंद लोगों और चहेते ठेकेदारों को पार्टनरशिप में ठेके देकर पैसा निकाला जा रहा है। सोचने वाली बात है कि, नगर पालिका के किसी भी पार्षद में इतनी हिम्मत नहीं कि इस मुद्दे पर खुलकर आवाज उठाए। लोगों का कहना है कि नगर पालिका अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। इस संबंध को लेकर कलेक्टर कोरिया और नगर पालिका सीएमओ को बार-बार शिकायतें दी गईं, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार, नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के पार्षद मौजूद हैं, परंतु प्रतिपक्ष नेता को भी साथ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि “सभी को अपना हिस्सा चाहिए” ऐसा आरोप जनता का है। चुनाव के दौरान जनता को बरगलाया गया, अब वही पार्षद जनता के मुद्दों से दूरी बनाए हुए हैं। वहीं नाली निर्माण जैसे मूलभूत कार्यों की हालत भी दयनीय है। नागरिकों द्वारा कई बार आवेदन देने के बावजूद कार्य नहीं हुआ। उपयंत्री कुशवाहा ने लोगों से कहा कि, “आप नाली खुद बना लीजिएए भुगतान नगर पालिका करेगी।” लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। सूत्र बताते हैं कि सत्ता और प्रभाव के दबाव में कुछ ठेकेदारों को ही लाभ पहुंचाया जा रहा है, जिनमें कांग्रेस से जुड़े ठेकेदार भी शामिल हैं। इसमें तालाब क्षेत्र में घटिया निर्माण की शिकायतें भी सामने आई हैं। और नगर पालिका अध्यक्ष पर आरोप है कि वे अपने रिश्तेदारों को विशेष प्राथमिकता दे रही हैं। भाजपा शासनकाल में कुछ पदाधिकारी ठेकेदारी और वसूली के काम में भी सक्रिय हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर का बस स्टैंड और मार्केट क्षेत्र अतिक्रमण का शिकार हो चुका है। यहां 70-70 लाख की दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में भी अनियमितताएं सामने आई हैं बताया जा रहा है कि कई दुकानों को मात्र 15-15 लाख रुपये में आवंटित किया गया। पुराना बस स्टैंड पूरी तरह कब्जे में है यहां दुकाने 20 फुट तक आगे लगाकर व्यापार किया जा रहा है, पर न तो प्रशासन और न ही नगर पालिका कोई कार्यवाही कर रही है। यह भी खुलासा हुआ है कि त्योहारों के समय फुटपाथ और कपड़े बेचने वालों से नगर पालिका द्वारा 10-10 हजार रुपये तक वसूले गए, पर यह रकम रिकॉर्ड में नहीं दिखाई गई। अब सवाल उठ रहा है कि यह पैसा नगर पालिका की रसीद में जमा हुआ या जेब में चला गया ?

शहरभर में चर्चा है कि, “नगर पालिका में विकास हो रहा है या विनाश ?” जनता अब कोरिया कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है, ताकि नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार का सच सामने आ सके। यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।

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