जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर नगर पालिका परिषद में राजनीति और पैसे के गठजोड़ ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। कांग्रेस के बहुमत होने के बावजूद, एक पार्षद ने कथित रूप से 15 लाख रुपये लेकर पार्टी के खिलाफ जाकर अध्यक्ष पद का समीकरण पलट दिया। जानकार सूत्रों के अनुसार, इस सौदे में किसने चेक काटा, किसने पैसा निकाला और किसके माध्यम से लेनदेन हुआ, इसके ठोस सुराग सामने आने लगे हैं। यह घटना न केवल कांग्रेस संगठन के लिए शर्मनाक है, बल्कि जिले की राजनीति पर भी गहरा सवाल खड़ा करती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अध्यक्ष पद ही पैसों से तय किया गया, तो नगर पालिका में घटिया निर्माण और भ्रष्ट ठेकेदारी का होना स्वाभाविक है। वहीं छत्तीसगढ़ शासन से विकास कार्यों के लिए जो धन आया, उसे पार्टनरशिप के नाम पर हड़प लिया गया। कई पत्रकारों तक को 5% लागत के नाम पर भुगतान किया गया, जबकि वास्तविक काम अधूरा रहा। बताया जा रहा है कि, नगर पालिका के ठेके एक ही ठेकेदार को लगातार दिए जाने से लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि ठेकेदार अब करोड़ों का आसामी बन चुका है, जबकि शहर की हालत बदतर है। जो कि साफ देखा जा सकता है कि, वार्डों में गंदगी और नालियों में गंदा पानी भरा रहता है, सफाई केवल चुनिंदा पार्षदों के घरों के सामने होती है। और आम जनता ने नगर पालिका की भ्रष्ट कार्यप्रणाली और जातिवादी रवैये के खिलाफ कलेक्टर को लिखित शिकायत दी है। एक वार्ड में तो अध्यक्ष के रिश्तेदारों की भरमार बताई जा रही है यहां तक कि नाली पर नाली बनाकर भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश की गई।
कर्म से नहीं, कृपा से बना अध्यक्ष!
जनता में चर्चा है कि इस बार नगर पालिका का अध्यक्ष “श्रीमती जी” की कृपा और पैसों के बल पर बना है, न कि जनता के भरोसे पर। लोग यह भी कह रहे हैं कि बैकुण्ठपुर की राजनीति पर श्राप लग चुका है, क्योंकि यहां कोई भी व्यक्ति दोबारा अध्यक्ष नहीं बन पाता, लेकिन इस बार पैसे के दम पर इतिहास पलट दिया गया।
जनता ने कहा – अब बहुत हो गया!
जनता का कहना है कि जब उन्होंने विकास की उम्मीद में वोट दिया था, तब उन्हें यह अंदाज़ा नहीं था कि नगर पालिका ठेकेदारी और वसूली का अड्डा बन जाएगी। कई महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, लेकिन कुछ लोग पत्रकारिता के नाम पर पालिका से मोटा लाभ ले रहे हैं। लोगों का सवाल है कि, क्या नगर पालिका जनसेवा का केंद्र है या फिर धन की दुकान?
जनता की आवाज़
अब बैकुण्ठपुर में बदलाव जरूरी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता ही जवाब देगी।
यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।


