छत्तीसगढ़ शासन में नई पीढ़ी के नेता अपनी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे अपने पद और शक्ति का उपयोग अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति में कर रहे हैं। विधायक द्वारा 16 विधायक प्रतिनिधि नियुक्त करना आश्चर्यजनक है और यह सवाल उठाता है कि क्या वे अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं या केवल अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। क्योंकि वे अपने से छोटे और बड़ों को नहीं पहचानते। यह क्या संदेश देना चाहते है ?
यहां तक देखा जाये तो भाजपा की राजनीति में कुछ चापलूस लोग भी शामिल हो गए हैं। ये लोग भाजपा के प्रवक्ता बनकर लोगों को आभारी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जाता है कि, इनमें से कुछ लोग पहले फुटपाथ पर अवैध गतिविधियों (शराब, गांजा एवं अन्य मार्दक पदार्थ) में शामिल थे और अब पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जो लोग अपने परिवार का एक वोट नहीं दिला सकते, वे जाति का क्या बात करेंगे ?
जानकार सूत्र बताते है कि, छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कोरबा के कलेक्टर अजीत बसंत को हटाने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर कलेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप लगाए हैं। कंवर ने दावा किया कि कलेक्टर हिटलर प्रशासक की तरह काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ सैकड़ों भ्रष्टाचार के मामले हैं। कंवर ने कहा कि, अगर तीन दिन के भीतर कलेक्टर को नहीं हटाया गया, तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने धरने पर बैठने की अनुमति के लिए रायपुर कलेक्टर को पत्र लिखा है। जिसके बाद मुख्यमंत्री अपने कर्तव्य का पालन नहीं कर रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष के दबाव में काम कर रहे हैं। पूर्व गृहमंत्री जी ने कहा कि, भाजपा सरकार में मंत्री वसूली का कार्य कर रहे हैं और कोई भी मंत्री योग्य नहीं है। वहीं कंवर ने दावा किया कि अगर आज चुनाव होते हैं, तो भाजपा को केवल लगभग 10-12 सीटें ही मिलेंगी। इस तरह कंवर जी ने अपने विचारधारा आम जनता के बीच रखी और मंत्रियों के सच्चाई को कबूल किया। इससे साबित हो रहा है कि, वर्तमान सत्ता घमण्ड में चुर हो चुकी है। और अपने आचार-विचार से भटक चुकी है।
वहीं पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के बयान ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा है कि, ‘‘आज दिन है तो कल अंधेरा’’ जिसका अर्थ है कि वर्तमान सरकार की स्थिति अनिश्चित है। उन्होंने कहा कि, वर्तमान मंत्री और विधायक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और केवल वसूली में रुचि रखते हैं। उन्होनंे यह भी कहा कि, दलाल और चाटुकार भी इसी तरह काम कर रहे हैं और उन्हें अपने कर्मों का पता है।
अब यह सोचने वाली बात है कि, नई पीढ़ी के नेता नेतागिरी से ज्यादा वसूली में रुचि रखते हैं। ननकीराम कंवर की भविष्यवाणी क्या सच होगी ? यह तो समय ही बताएगा। लेकिन यह तय है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में बदलाव की जरूरत है।



