महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में पानी की टंकी से एक पुरुष की लाश बरामद हुई है। मरीजों ने सुबह पानी से बदबू आने की शिकायत की थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। शाम को जब जांच शुरू हुई, तो सर्जिकल वार्ड की पांचवीं मंजिल पर बनी पानी की टंकी का ढक्कन हटाया गया, जिसमें एक पुरुष की लाश पड़ी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में पानी में बदबू आने की शिकायत पर जांच शुरू की गई। जब पानी की टंकी की जांच की गई, तो उसमें एक शव पाया गया। पुलिस को सूचना दी गई और शव को टंकी से बाहर निकाला गया। इस घटना से मेडिकल कॉलेज परिसर में सनसनी फैल गई और मरीजों तथा उनके तीमारदारों ने पानी को छूने से इनकार कर दिया।
कोतवाली पुलिस, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। टंकी का ढक्कन हटवाया गया और पानी कम कर शव को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन शव पुराना होने के कारण क्षत-विक्षत होने लगा। इसके बाद टंकी को तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य इकट्ठा किए और जांच शुरू की। शव लगभग 10 दिन पुराना होने की आशंका है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मेडिकल कॉलेज के मरीजों और तीमारदारों ने आरोप लगाया कि पानी में बदबू आने की शिकायत कई दिनों से की जा रही थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। रुद्रपुर से इलाज कराने आए रामदीन ने बताया कि वह तीन दिन से मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं और पानी में बदबू पहले से ही आ रही थी। उन्होंने कहा, अब पता चला कि टंकी में शव पड़ा था, यह बहुत डराने वाली बात है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पानी की टंकी में शव मिलने के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए वार्ड, ओपीडी, नर्सिंग हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों में पानी की आपूर्ति तुरंत रोक दी। जल निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने टंकी खाली कराकर पूरे परिसर को सैनिटाइज किया और पानी के नमूने जांच के लिए लखनऊ स्थित राज्य प्रयोगशाला में भेजे। पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नियमित सप्लाई बहाल की जाएगी।



