जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में भू-माफिया का खेल उजागर हुआ है। एक पटवारी का तबादला सोनहत में हो चुका था, लेकिन पैसे और पहुंच के चलते तबादला रद्द करके उसे फिर से पटना में तैनात कर दिया गया। इससे आम जनता में आक्रोश है और प्रशासन के खिलाफ रोष बढ़ रहा है। लोग इसे प्रशासन की मिलीभगत मान रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, यह प्रशासन का दोहरापन है।
वहीं कोरिया जिले में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जे की खबरें भी सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ गुंडे इन जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और 50 प्रतिशत ब्याज पर पैसे उधार देते हैं, जिससे वे करोड़ों रुपये कमा चुके हैं। लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और यह जांच का विषय बन गया है कि आखिर उनके पास इतना पैसा कहां से आया। साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि ब्याज के इस अवैध धंधे पर प्रशासन क्यों नहीं रोक लगा रहा है ?


