Home अवैध कोरिया प्रशासन पर गुंडे, भू-माफिया और सूदखोर हावी ?…………..

कोरिया प्रशासन पर गुंडे, भू-माफिया और सूदखोर हावी ?…………..

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जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर में सूदखोर, भू-माफिया और नशीले पदार्थों की बिक्री एक गंभीर समस्या बन गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए एंटी भू-माफिया पोर्टल शुरू किया है। कहीं समय को देखते हुए उत्तर प्रदेश जैसा यहां भी मुख्यमंत्री होना अति आवश्यक तो नहीं है ?

लोगों में चर्चा है कि, बैकुण्ठपुर में हाल ही में बाहरी लोगों के आगमन को लेकर चर्चा हो रही है, जिनमें कुछ इस्लामिक समुदाय के लोग भी शामिल हैं। बरेली में हुई हिंसा के बाद बैकुण्ठपुर की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। क्योंकि एक ब्लॉक का मुख्यालय प्रशासन के नियंत्रण से बाहर होने और भू-माफिया द्वारा सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और फर्जी पट्टे बनवाने की खबरें भी चिंता बढ़ा रही हैं।

जानकार सूत्र बताते है कि, बैकुण्ठपुर तहसील में अवैध निर्माण और शासकीय जमीनों पर कब्जे की खबरें चिंताजनक हैं। जो कि शासकीय जमीनों पर मकान बनाकर लगभग 20-30 हजार रूपये प्रति माह में किराये पर दे रहे है। यहां तक कि, तहसील के नाक के नीचे दुकान तोड़कर निर्माण करना और शासकीय जमीनों पर मकान बनाकर किराए पर देना गंभीर अपराध है। तथा वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर शिकायतें मिली हैं। वहीं पूर्व में शासन ने नदी के पास में 5 एकड़ जमीन दिया गया था, लेकिन इसका गलत उपयोग किया जा रहा है। जो कि राजस्व विभाग पर पैसे के बल पर बिकने के आरोप लग रहे हैं। जानकार सूत्र बताते हैं कि, जो असामाजिक तत्वों द्वारा कब्जा किया जा रहा है, उसमें शराब और ताश का अड्डा बना लिया गया है। जबकि राजस्व विभाग द्वारा स्टे दिया गया है। राजस्व विभाग की लापरवाही के कारण पीजी कॉलेज की जमीन, जो जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के रूप में उपयोग होती है वह पीजी कॉलेज के अधीन आती है, उसके कागजात को सही तरीके से अपडेट नहीं किया गया है। इससे पीजी कॉलेज को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पीजी कॉलेज की जमीनों का तोड़फोड़ किया जाना प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है।

वहीं वन विभाग के क्वार्टरों में जिन व्यक्तियों के नाम से वन विभाग के क्वार्टर मंजूर हुए हैं, उन्हें गुंडों द्वारा धमकी दी जा रही है कि वे क्वार्टर खाली करें, अन्यथा उनके मकान को गिरा दिया जाएगा। आज भी वन विभाग के शासकीय क्वार्टरों में गुंडों द्वारा ताला डाला गया है।

जानकार सूत्र बताते हैं कि सत्ताधारी होने के बावजूद प्रशासन गुंडों पर कार्रवाई करने में असमर्थ है। क्या प्रशासन मुख्य दर्शक बनकर रहेगा या गुंडों पर कार्रवाई भी करेगा ? जो शासकीय जमीन नदी के पास दी गई थी, उसके रिकॉर्ड में 1947-48 के दौरान किसके नाम में थी और शासन ने किसके नाम किया है, इसकी जांच भी होनी चाहिए। इससे साबित होता है कि गुंडे पैसे और पहुंच वाले हैं।

वहीं कोरिया जिले में जुआ, सट्टा, सूदखोरी और पत्रकारिता के नाम पर अवैध गतिविधियां चल रही हैं। कुछ लोग 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे अवसरों पर वेब पोर्टल के नाम से अखबार छपवाकर विज्ञापन के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। इसकी विस्तृत जानकारी और दस्तावेज उच्च अधिकारियों को भेजे गए हैं। अब देखना यह है कि कार्रवाई होगी या गुंडागर्दी ही फलेगी। यह जनता के विचारधाराओ के अनुसार प्रकाशित किया जा रहा है।

 

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