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बैकुण्ठपुर/कोरिया : पीजी काॅलेज परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय को बनाने के लिए प्रशासन पर दबाव ?………..

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बैकुण्ठपुर मुख्यालय में पीजी कॉलेज परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय को बनाने के लिए प्रशासन पर दबाव डाला जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो स्थानीय लोगों और कॉलेज प्रशासन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकार सूत्र बताते है कि, कोरिया जिले का भविष्य अंधकार में है क्योंकि दोनों पार्टियों के नेताओं की प्राथमिकता शासन से अपने पेंशन बनाने की है, न कि जिले के भविष्य को उज्जवल बनाने की। यहां तक कि, बैकुंठपुर में जनप्रतिनिधि बनने वाले लोग केवल अपने हितों को ध्यान में रखते हैं, न कि जिले के विकास को। वहीं कोरिया जिले में पीजी कॉलेज परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निर्माण किया जा रहा है, जिसका विरोध स्थानीय लोग, छात्र संघ और कांग्रेस पार्टी ने भी किया है। जिसमें पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेता मुख्तार अहम्मद व अन्य लोग भी सम्मिलित है। उनका तर्क है कि इससे शिक्षा का वातावरण बाधित होगा और छात्रों को परेशानी होगी। साथ ही वह स्थान भविष्य में छात्रों के लिए उपयोगी होगा।

जनप्रतिनिधियों की भूमिका

जनप्रतिनिधियों की भूमिका जिले के विकास में महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान में वे अपने हितों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं। इससे जिले के विकास में बाधा आ रही है और लोगों को परेशानी हो रही है। जनप्रतिनिधियों को अपने हितों को छोड़कर जिले के विकास के लिए काम करना चाहिए। लेकिन जहां कार्य होना चाहिए वहां कार्य नहीं हो रहा और जहां कार्य नहीं होना चाहिए वहां कार्य हो रहा है जैसे- कोरिया जिले के बैकुंठपुर में चौड़ीकरण रोड का मामला काफी समय से चर्चा में है। जो कि पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक दोनों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति चल रही है। जो कि पूर्व विधायक ने अपने कार्यकाल में सड़क चौड़ीकरण के लिए कुछ प्रस्ताव दिए थे, लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं हो पाया। उन्होंने वर्तमान विधायक पर आरोप लगाया है कि वे केवल अपने हितों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। वहीं वर्तमान विधायक ने भी सड़क चौड़ीकरण के लिए नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया है और इसके लिए धन भी आवंटित किया गया है। उन्होंने पूर्व विधायक पर आरोप लगाया है कि वे केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए इस मुद्दे को उठा रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं। परंतु अभी तक चैड़ीकरण का पलह हल नहीं हो पाया है। और जनता को बेवकूफ बना रहे हैं।

लागों में चर्चा है कि, बैकुंठपुर में पीजी कॉलेज परिसर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय बनाने के लिए प्रशासन पर दबाव डाला जा रहा है। इससे कई सवाल उठते हैं। जैसे कि, क्या शासकीय जमीन का उपयोग सही तरीके से हो रहा है या इसका दुरुपयोग हो रहा है ? क्या विधायक कलेक्टर पर दबाव बना रहे हैं जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं ? जब से कलेक्टर महोदया आई हैं, सभी कार्य दबाव में चल रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्य में अनियमितता आ रही है।

पत्रकारों और अधिकारियों के बीच संबंध

कोरिया जिले में पत्रकारों और अधिकारियों के बीच संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि नई पीढ़ी के पत्रकार केवल चापलूसी के अलावा कोई समाचार नहीं लेते हैं। इससे जिले के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। पूरा कोरिया जिला चापलूसों और दलालों के बीच में फंसा हुआ है। और अधिकारियों को मात्र चापलूस लोग ही पसंद हैं। साथ ही अधिकारी बैकुंठपुर मुख्यालय से नदारद रहते हैं।

वहीं कोरिया जिले के विकास और छात्रों के भविष्य के लिए प्रशासन को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। जैसे कि, पूर्व में स्वर्गीय डॉ. रामचंद्र सिंहदेव ने कोरिया जिले के लिए जो मिसाल और पहचान बनाई है, वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उनकी दूरदर्शिता और समर्पण ने जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। और आज कोरिया जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान में वे अपने हितों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं। इससे जिले के विकास में बाधा आ रही है और लोगों को परेशानी हो रही है। यहां तक कि, जनप्रतिनिधियों ने जिले की जनता को शोषण के अलावा कुछ नहीं किया है। वे दलालों और चापलूसों के बीच में रहकर करोड़ों के आसामी बनते चले आ रहे हैं। क्या विधायक प्रतिनिधि को वसूली प्रतिनिधि कहा जाए ? यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि वे अपने हितों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं और जिले के विकास को नजरअंदाज कर रहे हैं। देखा जाये तो भारत के संविधान में लिखा है कि विधायक प्रतिनिधि बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन वर्तमान में वे अपने हितों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं।

लोगों का कहना है कि, करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जिले के लोगों को बेहतर पुलिस सेवाएं मिलेंगी। हालांकि, यह देखना होगा कि इससे जिले का भविष्य वास्तव में उज्जवल होगा या नहीं ? यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।

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