कोरिया जिले के चरचा में पार्षद प्रदीप तिवारी द्वारा लगाए गए आरोपों ने एक नया मोड़ ले लिया है। प्रदीप तिवारी, जो पहले कांग्रेस में थे, अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष पर आरोप लगाया है, लेकिन उनकी अपनी पृष्ठभूमि भी सवालों के घेरे में है। क्योंकि बताया जा रहा है कि, प्रदीप तिवारी पर कोयला का कारोबार करने के आरोप लगे हैं। उन्होंने नगर पालिका में पार्षद रहते हुए ठेकेदारी का कार्य भी किया, जो नियम विरुद्ध है। और प्रदीप तिवारी पर आरोप है कि जब कांग्रेस पार्टी में थे, तो उन्होंने पार्टी के भ्रष्टाचार का साथ दिया और अब बीजेपी में शामिल होकर आरोप लगा रहे हैं। और उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए पार्टी बदली है। बीजेपी ने अभी तक प्रदीप तिवारी के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह देखना होगा कि पार्टी उनके आरोपों को कितनी गंभीरता से लेती है। क्या उनको बीजेपी से बाहर का रास्ता दिखायेगा या नहीं ?
नगर पालिका में भ्रष्टाचार
नगर पालिका पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और प्रदीप तिवारी के आरोपों ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना होगा कि क्या प्रशासन इस मामले में जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। यह मामला कोरिया जिले की राजनीति में एक नए मोड़ की ओर संकेत कर रहा है और अब यह देखना होगा कि आगे क्या होता है ? इसलिए लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि, नगर पालिका भ्रष्टाचार की जननी है। यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।


