जरूरतमंद बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का दिलाएं लाभ
मप्र बाल अधिकार संरक्षण भोपाल आयोग के सदस्य श्री पांडे की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न
नरसिंहपुर : मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग भोपाल के सदस्य श्री अनुराग पांडे की अध्यक्षता में विश्राम गृह नरसिंहपुर में मंगलवार को बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एंव बाल विकास श्री राधेश्याम वर्मा, जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग, प्रभारी जिला श्रम अधिकारी, प्रभारी विशेष किशोर पुलिस इकाई नरसिंहपुर, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, शासकीय व अशासकीय संस्थाओं के अधीक्षक व संचालक और परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र आदि मौजूद थे।
प्रभारी जिला श्रम अधिकारी ने अवगत कराया गया कि पिछले 6 माह से अब तक कुल 68 विभिन्न हॉट स्पॉट जैसे फ्रेक्ट्री, दुकान, ऐजेंसी, संस्थान, मॉल आदि का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अब तक किसी पर प्रकरण नहीं बनाया गया है। श्री पांडे ने निर्देश दिए कि हॉट स्पॉट का चिन्हाकंन कर भिक्षा- वृत्ति करने वाले व बाल श्रम करने वाले बच्चों का रेस्क्यू कर संबंधित नियोक्ता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जावे। गुड़ भट्टियों आदि स्थानों में बच्चे श्रम/ कार्य करते हैं, तो अभियान चलाकर ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोडा जावे। श्रम करते पाए जाने वाले बच्चों का वीडियो बनाकर एवं समस्त टीम के सदस्य को रिपोर्ट कर रेस्क्यू करें एवं श्रम विभाग नियमानुसार कार्यवाही करें। 14 वर्ष के उपर के बच्चे किसी जोखिम भरे कार्य में लिप्त ना हो एवं जरूरतमंद बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोडा जावे।
बैठक में बताया गया कि एसजेपीयू नरसिंहपुर द्वारा एक अक्टूबर 2024 से अब तक कुल 73 प्रकरण पॉक्सो के दर्ज किये हैं, जबकि बाल कल्याण समिति में कुल 12 प्रकरण दर्ज हुए हैं। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि किशोर न्याय अधिनियम के नियमानुसार समस्त प्रकरणों, बच्चों को एसजेपीयू 24 घंटे के अंदर बाल कल्याण समिति नरसिंहपुर में प्रस्तुत कराना सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित हॉस्टल, छात्रावास व जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावास में बच्चों को पलंग, पेयजल, गुणवत्ता युक्त नाश्ता- भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जावे। देखरेख एवं संरक्षण के जरूरतमंद बच्चों को बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत कर उन्हें स्पॉन्सरशिप योजना से जोडा जावे। शिक्षा विभाग के जिले में कितने अशासकीय छात्रावास संचालित है एवं उनमें कुल कितने बच्चे निवासरत है, इसकी जानकारी दी जावे। समस्त विद्यालय एवं छात्रावासों में सरल शब्दों में गुड टच- बेड टच की जानकारी दी जावे। इसके लिए समस्त विभागों से मास्टर ट्रेनर तैयार किये जावे।
श्री पांडे ने निर्देश दिए कि एसजेपीयू देखरेख एवं संरक्षण के संस्थान व आश्रय गृह का भ्रमण करें और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा उपलब्ध करायें। शिशु गृह, बाल गृह की समीक्षा के दौरान निवासरत समस्त बच्चों को समय पूर्ण होने पर लीगल फ्री की कार्यवाही की जावे और बच्चों की नियमानुसार आईसीपी तैयार की जावे। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्य शिशु गृह एवं बाल गृह में निवासरत बच्चों की आईसीपी पढ़कर नियमानुसार कार्यवाही करें। ऐसे सभी बच्चों की जानकारी भेजी जावे और बच्चों को पॉक्सो के प्रति जागरूक करने वाली शिक्षा प्रद कोमल फिल्म दिखाई जावे। बैठक के बाद बाल सम्प्रेक्षण गृह नरसिंहपुर का निरीक्षण किया।



