रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़किगोड़ा के पास अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। कोयला खदान का एक हिस्सा ढह जाने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य लोगों के वहां फंसे होने की आशंका है।
मिली जानकारी के अनुसार, रामगढ़ जिले के कर्मा इलाके में शनिवार सुबह 6 बजे बड़ा हादसा हुआ। अवैध कोयला खदान में चाल धंसने से चार लोगों की मौत होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि, कर्म प्रोजेक्ट क्षेत्र में सीसीएल की ओर से कोयला उत्खनन का कार्य किया जा रहा था। शनिवार सुबह ग्रामीण भी कोयला निकालने पहुंचे थे, तभी अचानक चाल धंसने से बड़ा हादसा हो गया। चाल धंसने से चार मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसके अलावा चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनमें एक महिला का कमर टूट गया है और दूसरा गंभीर रूप से घायल है। स्थानीय प्रशासन और सीसीएल की टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम नजर रखे हुए है। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कर्म प्रोजेक्ट कार्यालय के गेट के निकट सभी शवों को रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सीसीएल प्रबंधन से मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोपरू सुरक्षा मानकों की अनदेखी
ग्रामीणों का आरोप है कि सीसीएल की ओर से माइनिंग एक्ट के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। नियमों के अनुसार, जहां भी उत्खनन का काम किया जाएगा, उसके चारों ओर बैरिकेटिंग और फेंसिंग की जानी चाहिए, ताकि अवैध खनन को रोका जा सके।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
ग्रामीणों का कहना है कि, सीसीएल की ओर से इन सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर उत्खनन किया जा रहा था। खदान के पास सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी, जिसके कारण ग्रामीण अपनी दैनिक दिनचर्या के लिए कोयला चुनने गए थे और एक बड़ा हादसा हो गया। ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन से मांग की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और अवैध खनन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद यह हादसा नहीं होता। सीसीएल प्रबंधन को इस मामले में जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जाना चाहिए कि वे अवैध खनन के खतरों से अवगत हों और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें।



