जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में युक्तिकरण का विरोध की चर्चा जोरो पर चल रही है। जानकार सूत्र बताते है कि, कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में लागू किए गए युक्तिकरण के खिलाफ है, जिसे वे शिक्षा का निजीकरण और स्कूलों को बंद करने की साजिश मानते हैं। वहीं कांग्रेस ने चार चरणों में आंदोलन की घोषणा की है, जिसमें जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव, जिला स्तरीय शिक्षा न्याय यात्रा और बंद स्कूलों में विरोध प्रदर्शन शामिल हैं। शिक्षकों का कहना है कि, युक्तिकरण की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ है और उन्हें मनमाने ढंग से स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कांग्रेस पार्टी के अनुसार, सरकार शिक्षा का निजीकरण करने और निजी विद्यालयों को बढ़ावा देने की साजिश कर रही है, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों पर सीधा असर पड़ेगा। जिसके लिए मनेन्द्रगढ़ में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन से युक्तिकरण की प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की। वहीं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजकुमार केशरवानी ने कहा ”बिना डीईओ की अनुमति के युक्तिकरण कैसे हो सकता है ? एक बीईओ को बलि का बकरा बनाया गया, जबकि असली भ्रष्टाचार डीईओ स्तर पर हुआ है।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने आरोप लगाया, भाजपा सरकार 10,000 स्कूल बंद कर रही है और 46,000 पद खत्म करने जा रही है। जिन स्कूलों में भाजपा नेताओं के रिश्तेदार हैं, वहां शिक्षक रखे गए, लेकिन आदिवासी और गरीबों को डेढ़ सौ किलोमीटर दूर भेजा गया।
पूर्व विधायक विनय जायसवाल ने कहा, 45,000 शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वाली सरकार अब युक्तिकरण के नाम पर स्कूल बंद कर रही है। खासकर बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी अंचलों में शिक्षा पर बड़ा कुठाराघात हो रहा है।
बताया जा रहा है कि, युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यालय का दरवाजा खटखटाया, नेमप्लेट पर भाजपा का गमछा डालते हुए विरोध जताया, जब जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा कार्यालय पहुंचे, तो एक बार फिर जोरदार नारेबाजी हुई. इसके बाद कांग्रेस नेताओं और जिला शिक्षा अधिकारी के बीच बंद कमरे में चर्चा हुई।
जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने कहा, जिन बिंदुओं पर शिकायत है, हमें कांग्रेस से ज्ञापन मिला है। उनकी जांच की जाएगी। जहां अनियमितता की बात सामने आई है, वहां विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनेंद्रगढ़ के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। जांच के बाद सही तथ्य सामने लाए जाएंगे।


