जिला मुख्यालय में भ्रष्टाचारी की सीमा हद से आगे बढ़ चुकी है, चाहे राजस्व विभाग हो या पुलिस विभाग दोनों विभागों में भ्रष्टाचारी के आलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। यहां तक कि, पुरा कोरिया प्रशासन भ्रष्टाचारी पर सुनने को तैयार नहीं। लोगों का कहना है कि, जनदर्शन कार्यक्रम केवल दिखावा बनाया गया है। क्योंकि आम जनता जब बड़े अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाते है तो उनकी कोई भी सुनने वाला नहीं है। जब उनकी किसी प्रकार की मदद करनी ही नहीं है तो जनदर्शन कार्यक्रम व सुशासन तिहार किस काम का ?
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों के द्वारा नगर पालिका के नवनिर्माण के कार्याें पर बार-बार सवाल उठाये जा रहे है साथ ही पार्षद ही निर्माण के नाम पर दोहन कर रहे है। इसी प्रकार नगर पालिका के आरआई (कौशल यादव) के भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया। उसको भी कोरिया कलेक्टर के समक्ष में शिकायत किया गया था, पर वह शिकायत का पेपर भी डस्टबिन में चला गया। इसी तरह पूर्व से राजस्व विभाग में बाबू से लेकर एसडीएम, तहसीलदार, आरआई व पटवारी तक भ्रष्टाचारी में अखण्ड डुबे हुए है। अब जो कि, जिले का मुख्या ही नजर-अंदाज कर रहा है तो इसमें भी संदेह है। जब 99 लोग कलम के कलाकार भ्रष्टाचार के समर्थन में है तो भ्रष्टाचारी ही इनकी पूंजी बन चुकी है जब भ्रष्टाचार होगा तभी तो कलमकारों को पैसा मिलेगा। एक कहावत है ‘‘सौ भ्रष्टाचारी में एक ब्रह्यचारी” को प्रशासन क्या ध्यान देगा ?
लोगों में चर्चाऐं है कि, श्रीमती महोदया इस पर विशेष ध्यान दें कि, सरगुजा संभाग के आयुक्त के आदेश पर विवेचना करने तहसीलदार, नायब तहसीलदार व आरआई द्वारा लोगों में बहुत चर्चाऐं बनी हुई कि, राजस्व विभाग में पैसे का ही बोल-बाला है। वहीं बार-बार संपादक द्वारा इस संबंध को लेकर आवाज उठाया जा रहा है कि, आरआई भ्रष्टाचारी है तो उस पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है ? लोगों में तरह-तरह की चर्चाऐं है कि, प्रशासन भ्रष्टाचारियों को कब तक गले से लगाकर रखेगा ? और आम जनता का गला कब तक घोटेगा ? भ्रष्टाचार के विरोध में व सच्च के साथ वशिष्ठ टाइम्स समाचार पत्र हमेशा साथ देगा।


