नरसिंहपुर : कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बुधवार को ली। उन्होंने लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि की जानकारी ली और अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश।
बैठक में नवीन अनमोल पोर्टल 2.0, गर्भवती माताओं के पंजीयन एवं स्वास्थ्य संस्था में हो रहे प्रसव, पोषण पुर्नवास केन्द्र, टीकाकरण कार्यक्रम, क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, शिशु एवं मातृ मृत्यु, आईडीएसपी कार्यक्रम आदि की गहन समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी बीएमओ एवं संस्था प्रभारी द्वारा निरंतर सतत मानीटरिंग करने के निर्देश दिये। संस्था में जगह- जगह आईईसी प्रदर्शित की जाये। गंदगी किये जाने पर कोटपा एक्ट अंतर्गत जुर्माना लगाया जाए।
बैठक में नवीन अनमोल पोर्टल 2.0 पर चर्चा कर सभी मैदानी कर्मचारियों के लॉगिन बनाये जाने की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी लॉगिन को चालू कराया किया जाये और शतप्रतिशत एंट्री की जाये। गर्भवती माताओं के पंजीयन एवं स्वास्थ्य संस्था में हो रहे प्रसव की जानकारी ली। कलेक्टर ने कम उपलब्धि वाले ब्लॉक द्वारा गर्भवती माताओं के पंजीयन में शतप्रतिशत एंट्री करने के निर्देश दिये। संस्थागत प्रसव की सीएम पोर्टल पर कम एंट्री पाये जाने पर राज्य स्तर से समन्वय कर आने वाली कठिनाईयों का शीघ्र निराकरण किया जाये। उन्होंने कम उपलब्धि पाये जाने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की पृथक से बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये। साथ ही पोषण पुर्नवास केन्द्र में बेड आक्यूसपेंसी हमेशा शतप्रतिशत रहे, इसके लिए निरंतर केम्प आयोजित किये जायें।
टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जिन ब्लॉक में 95 प्रतिशत से टीकाकरण एवं पूर्ण टीकाकरण की उपलब्धि है, उन ब्लॉक की सतत मानीटरिंग करने के निर्देश दिये। आगामी बैठक में शहरी क्षेत्र नरसिंहपुर के मेडिकल ऑफिसर एवं समस्त एएनएम की पूर्ण जानकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिये। कोई भी बच्चा टीकाकरण से छूटे नहीं छूटे, इसके लिए निरंतर मॉनीटरिंग एवं समीक्षा कर शतप्रतिशत टीकाकरण कराया जाये। क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत अभियान की तरह कार्य किया जाये। प्रतिदिन टेस्ट एवं नोटिफिकेशन की रिपोर्ट ली जाये। अधिक से अधिक मैदानी स्तर पर आईईसी आशा, एएनएम, सीएचओ, एमपीडब्लयू के माध्यम से कराई जाये और शेष हितग्राहियों की सूची के अनुसार फ़ूड बास्केट वितरण किया जाए।
बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत टीम की कमी पाये जाने पर चांवरपाठा ब्लॉक में अधिक होने पर ब्लॉक करेली में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिये। राष्ट्रीय कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एप तैयार कर जिन मरीजों का उपचार चल रहा है, उनके परिवारों को मैसेज भेजकर जागरूक किया जाए। मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिन क्षेत्रों में डेंगू के अधिक केस पाए गए हैं, उन क्षेत्रों का एक सप्ताह में प्लान तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। पंचायत विभाग के समन्वय से संयुक्त रूप से मैदानी अमले के माध्यम से घर- घर जाकर आईईसी की जाए। शिशु एवं मातृ मृत्यु की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि एएनसी के दौरान एक्लेमशिया एवं प्री- एक्लेमशिया के हितग्राहियों के बीपी की निरंतर जांच की जाये। उन्हें निरंतर कैल्शियम की गोली का वितरण किया जाये, जिससे मातृ मृत्यु में कमी लाई जा सकें। आईडीएसपी कार्यक्रम के अंतर्गत आईएचआईपी पोर्टल पर शतप्रतिशत एंट्री की जाये, चिकिन पाक्स के केस की जिन क्षेत्रों में वृद्धि हो रही है, उन क्षेत्रों में आईईसी की जाये।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दलीप कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्याम सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. जीसी चौरसिया, समस्त कार्यक्रम अधिकारी, बीएमओ, स्वास्थ्य विभाग के समस्त जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।



