पानी को बचाना, भू जल स्तर बढ़ाना, बेवजह पानी को बहने से रोकना और वर्तमान व नई पीढ़ी के लिए पर्याप्त जल संरक्षण करना आवश्यक है-कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी
कोरिया : कलेक्टरेट सभाकक्ष, बैकुंठपुर में आज कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी की अध्यक्षता में जल संरक्षण और संवर्धन पर आयोजित कार्यशाला में प्रशासन और मीडिया के बीच साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस कार्यशाला में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने जल बचाव और संवर्धन के लिए कई उपयोगी सुझाव दिए, जिनमें वॉटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य बनाना और जल संकट से प्रभावित ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान चलाने की बात प्रमुख थी।
जनता की भागीदारी से ही जल संरक्षण अभियान सफल होंगी
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने मीडिया से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण की आवश्यकता को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में मदद करें। उन्होंने बताया कि जल की एक-एक बूंद महत्वपूर्ण है और यह सभी की जिम्मेदारी बनती है कि हम बेवजह पानी बहने से रोकें। कलेक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत है पानी को बचाना, भू जल स्तर को बढ़ाना, बेवजह पानी को बहने से रोकना और वर्तमान व नई पीढ़ी के लिए पर्याप्त जल संरक्षण करना है। जल की एक-एक बूंद महत्वपूर्ण है और यह बातें सभी जानते हैं लेकिन बड़ी संख्या में इस रोकने, बचाने में उदासीनता बरती जाती है, जिसके कारण प्रति दिन हजारों लीटर पानी अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी हो कि बेवजह नल से बहते पानी को रोकें। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों को बुद्धिजीवी और चिंतनशील वर्ग बताते हुए कहा कि समाज की समस्याओं को प्रशासन, शासन और सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा चलाई जा रही श्आवा पानी झोंकीश् कार्यक्रम को गांव, गांव और घर-घर तक पहुंचाने में मदद करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि जब तक जनता जल संरक्षण के अभियान से जुड़कर सक्रिय रूप से हिस्सा नहीं लेगी, तब तक यह अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकता।
‘आवा पानी झोंकी अभियान‘ को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया सहयोग करें
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने जल संकट को वैश्विक समस्या बताते हुए पेड़-पौधों की बढ़ती कमी और पानी के अनावश्यक बहाव को जल संरक्षण के प्रमुख कारणों के रूप में पहचाना। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वे ‘आवा पानी झोंकी अभियान’ को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें।
मीडिया प्रतिनिधियियो ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
मीडिया प्रतिनिधियों ने प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियानों की सराहना करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें कृषि कार्यों के बाद पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता और शहरी क्षेत्रों में वॉटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य बनाने की बात कही गई।
मीडिया प्रतिनिधियियो ने पौधे में जल देकर निभाई सहभागिता
कार्यशाला के अंत में मीडिया प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में पौधों को पानी दिया और जल संरक्षण का संदेश दिया कि पानी न केवल मनुष्यों और जानवरों के लिए, बल्कि पर्यावरण और उद्योगों के लिए भी अनिवार्य है। यह कार्यशाला प्रशासन और मीडिया के बीच जल संरक्षण को लेकर एक नई दिशा की शुरुआत साबित हुई।
पीपीटी व वीडियो डाक्यूमेंट्री से बताया जल संरक्षण का महत्व
विभिन्न विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण और संवर्धन के सम्बंध में किए जा रहे कार्यों को पीपीटी के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियियो के साथ साझा की। पानी की महत्ता पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया कि किस तरह एक छोटी पहल से पानी को बचाया जा सकता है।
इस कार्यशाला में डिप्टी कलेक्टर श्री उमेश पटेल, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता श्री अनिल कुमार मिश्रा, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री ए. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आकाश पोद्दार, कृषि विभाग के उप संचालक श्री राजेश भारती, सहायक परियोजना अधिकारी, मनरेगा श्री विकास अवधिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनआरएलएम श्री तरुण रघुवंशी आदि अधिकारी मौजूद थे। साथ ही प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि श्री श्रीकांत शुक्ला, श्री कमलेश शर्मा, श्री प्रविन्द सिंह, श्री अमित सोनी, श्री सतीश गुप्ता, श्री चंद्रकांत पारगिर, श्रीमती निहारिका, श्री प्रशांत मिश्रा, श्री नीलेश तिवारी, श्री अरुण जैन, श्री कमालुद्दीन अंसारी, श्री कृष्ण विभूति तिवारी, श्रीमती कमरून निशा, श्री महेंद्र पांडेय, श्री विशाल सिंह, श्री सावन कुमार, श्री कमलेश एक्का, श्री राजू शर्मा, श्री अनिल पांडेय आदि प्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह कार्यशाला बेहद उपयोगी रही।