कोरिया : ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए और पेयजल समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड बैकुण्ठपुर ने जिला स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ का गठन किया है। यह प्रकोष्ठ 30 जून 2025 तक प्रभावी रहेगा और इसका उद्देश्य ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति को सुचारू रूप से बनाए रखना है।
प्रकोष्ठ सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कार्य करेगा और इसमें प्राप्त शिकायतों का रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इस रजिस्टर में प्रतिदिन की शिकायतों का विवरण रखा जाएगा, साथ ही संबंधित सहायक अभियंताओं और उप अभियंताओं को शिकायत के समाधान के लिए निर्देशित किया जाएगा। रजिस्टर में शिकायत की तिथिवार स्थिति भी दर्ज की जाएगी, ताकि हर शिकायत का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
इस प्रकोष्ठ के प्रभारी अधिकारियों के रूप में श्री प्रखर बेले (सहायक अभियंता, बैकुण्ठपुर), श्री भूपेंद्र सिंह कोर्चे (उप अभियंता, सोनहत), और कुमारी ज्योत्सना लकड़ा (उप अभियंता, विकासखंड) को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक मुख्यालय पर संबंधित हैंडपंप तकनीशियनों की ड्यूटी लगाई गई है, जो सुनिश्चित करेंगे कि गांवों में पेयजल की समस्या का समाधान किया जाए।
मुख्यालय पटना, कुडेली, बैकुण्ठपुर, कटगोड़ी, सोनहत, और रामगढ़ के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों के लिए तकनीशियन नियुक्त किए गए हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं, जिससे नागरिक सीधे संपर्क कर अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं।
इसके अलावा, खंड कार्यालय बैकुण्ठपुर और विकासखंड मुख्यालयों में भी शिकायत पंजी संधारित किया जाएगा, जहां लोग अपनी शिकायतें या सुझाव दर्ज करवा सकेंगे।