छत्तीसगढ़ के प्रथम तिहार हरेली के शुभ अवसर पर युवाओं ने प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए सामूहिक रूप से रोपे गए पौधों में पानी डालकर उनकी देखभाल की। हरेली पर्व मुख्य रूप से हरियाली, कृषि और प्रकृति की पूजा से जुड़ा लोकपर्व है। युवाओं ने पौधों को सींचकर हरेली पर्व के मूल उद्देश्य को सार्थक करने का प्रयास किया।
इस दौरान उन्होंने संदेश दिया कि धरती को हरा-भरा बनाए रखने के लिए पौधरोपण के साथ-साथ पेड़ों का संरक्षण और नियमित देखभाल भी बेहद जरूरी है।
युवाओं के इस प्रयास से समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचा। यह पहल दर्शाती है कि युवा पीढ़ी अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सजग और जिम्मेदार है।





