कोरिया
कोरिया, मानसून में बढ़ते मलेरिया के खतरे के बीच जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिले में मलेरिया की रोकथाम, जांच, उपचार और निगरानी व्यवस्था को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मलेरिया के प्रभावी नियंत्रण और इससे होने वाली मौतों की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बता दें छत्तीसगढ़ के उच्च मलेरिया-प्रभावित 10 जिलों में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14वें चरण का संचालन 15 जून से किया जा रहा है। अभियान के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में गहन मलेरिया जांच एवं स्क्रीनिंग जारी है। मानसून के आगमन के साथ संक्रमण बढ़ने तथा मामलों में वृद्धि का रुझान सामने आने के कारण स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने कहा है कि उच्च मलेरिया प्रसार वाले एवं संवेदनशील गांवों में स्वास्थ्य दलों की सघन निगरानी लगातार जारी रहे। प्रत्येक संभावित मरीज का शीघ्र निदान कर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। गंभीर मलेरिया के मरीजों को समय गंवाए बिना उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाए, ताकि समय पर उपचार देकर मृत्यु की आशंका को कम किया जा सके।
हर तेज बुखार की मौत का होगा सत्यापन
कलेक्टर ने तेज बुखार से संबंधित प्रत्येक मृत्यु की अनिवार्य सूचना और सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ द्वारा मलेरिया स्क्रीनिंग और पुष्ट मामलों का दैनिक डेटा संधारित किया जा रहा है। इस डेटा के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
मच्छरदानी से लेकर घरों के भीतर अवशिष्ट छिड़काव (आईआरएस) तक, रोकथाम पर फोकस
मलेरिया से बचाव के लिए लॉन्ग लास्टिंग इंसेक्टिसाइडल नेट यानी मच्छरदानियों के सार्वभौमिक उपयोग को सुनिश्चित करने कहा गया है। विशेष रूप से छात्रावासों, आश्रमों एवं अन्य आवासीय संस्थानों में मच्छरदानी के उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश हैं। चिन्हित मलेरिया -स्थानिक एवं प्रभावित क्षेत्रों में इनडोर रेजिडुअल स्प्रे भी समय पर कराने को कहा गया है।
कलेक्टर ने अभियान की नियमित जिला स्तरीय समीक्षा करते हुए मलेरिया की रोकथाम, निगरानी, जांच और उपचार से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर के 6 बड़े निर्देश
1. मलेरिया प्रभावित एवं संवेदनशील गांवों में स्वास्थ्य दलों की नियमित निगरानी और जांच हो।
2. जांच में तेजी, इलाज तत्काल, मलेरिया की पुष्टि होते ही मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
3. गंभीर मलेरिया के मामलों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में बिना देरी रेफर किया जाए।
4. तेज बुखार से होने वाली प्रत्येक मृत्यु की सूचना एवं अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित हो।
5. छात्रावास, आश्रम और आवासीय संस्थानों में लॉन्ग लास्टिंग इंसेक्टिसाइडल नेट मच्छरदानी के उपयोग पर विशेष जोर।
6. चिन्हित मलेरिया-स्थानिक एवं प्रभावित क्षेत्रों में समय पर इनडोर रेजिडुअल स्प्रे कराया जाए।
प्रशासन का स्प्ष्ट संदेश- मलेरिया को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया है कि मलेरिया नियंत्रण से संबंधित सभी गतिविधियां समयबद्ध, प्रभावी और परिणामोन्मुखी तरीके से संचालित हों। जिला स्तर पर अभियान की नियमित समीक्षा के माध्यम से स्थिति पर करीबी नजर रखी जाए और जहां भी संक्रमण का खतरा अधिक हो, वहां तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।

