कोरिया, 28 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के अध्यक्षता में आज खरीफ वर्ष 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप संचालक कृषि श्री राजेश कुमार भारती ने जानकारी देते हुए कहा है कि इस वर्ष मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए जिले के सभी ऋणी और अऋणी किसानों को अपनी फसलों का बीमा कराना होगा। इसके लिए किसानों को 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल की बुआई, रोपाई, प्राकृतिक आपदा, स्थानीय आपदा और कटाई के बाद होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मिलती है। इससे किसानों की आय सुरक्षित रहती है और खेती का जोखिम कम होता है।
ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था के माध्यम से स्वतः किया जाएगा। वहीं अऋणी किसान कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, बीमा कंपनी के ब्लॉक प्रतिनिधि, ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) या संबंधित बैंक में जाकर अपना बीमा करा सकते हैं।
योजना के तहत सिंचित धान के लिए प्रति हेक्टेयर ₹55,000 तथा असिंचित धान के लिए ₹44,000 का बीमा कवरेज निर्धारित किया गया है। इसके लिए किसान को केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। सिंचित धान के लिए ₹1,100 प्रति हेक्टेयर और असिंचित धान के लिए ₹880 प्रति हेक्टेयर किसान अंश रहेगा, जबकि शेष प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकार वहन करेगी।
धान के अलावा सोयाबीन, मक्का, अरहर, उड़द और कोदो जैसी फसलें भी इस योजना में शामिल हैं।
बीमा कराने के लिए आधार कार्ड, नवीनतम भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक पासबुक की प्रति, फसल बुआई प्रमाण-पत्र या प्रस्तावित फसल का घोषणा-पत्र, मोबाइल नंबर तथा बंटाईदार, कास्तकार और साझेदार किसानों के लिए आवश्यक घोषणा-पत्र की आवश्यकता होगी।
फसल को नुकसान होने पर किसान 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 14447 पर जानकारी दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा कृषि विभाग, राजस्व विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को भी समय-सीमा के भीतर सूचना देना आवश्यक है।

