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कोरिया कलेक्टर के नाक के नीचे भ्रष्टाचार का बोलबाला ?

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कोरिया

जिला कोरिया बैकुण्ठपुर में नगरपालिका के पारसद व मुखिया भ्रष्टाचार व जातिवाद में डूबे हुए है। किस नियम के तहत पारसद नगरपालिका में ठेकेदारी कर रहें है। यहा तक की वार्ड न. 12 में नल कनेक्षन भी पारसद ने अपने समाज के लोगो अवैध रूप से उपलब्ध कराया है। जिनका नगरपालिका के नल कोइ संम्बध नहीं हैं।
वार्ड 12 के पारसद ने अपने ही वार्ड के रोड का घटिया निमार्ण कराया । अब सोचने वाली बात देवरानी जेठानी फैलाया जा रहा है। जानकार सूत्र बता रहे हैं। कुछ फर्जी ढ़ंग से नाली का रूप रेखा बनाया जा रहा है , क्योकि उनकी और सत्ता में रहते हुए मनमानी ढ़ंग घटिया रोड निमार्ण कराया जा रहा है। कोरिया कलेक्टर को इस संबध में संज्ञान में लेना चाहिए ।

पर कोरिया कलेक्टर भी क्या करें, ऐसे व्हाट्सप वाले दलालो के बीच में फसी हुई हैं। क्योकि चापलूस या फेक न्यूज के लोगो के बीच में फसी हुई है। जिनका भारत के सामाचार एजेंसीयो से कोई लेना देना नहीं हैं। माईक व मोबाईल लेकर अधिकारियों व सचिवों पर दबाव बनाकर पैसा वसूली का काम कर रहें हैं। जबकि उन लोगो के पास में कोई भी व्यापार या बिजनेस नहीं है। इतना लोगो से पैसे वसूलते हैं, फिर भी सराब बेचने वाले कुछयो का ऐसे पत्रकारो के उपर सराब का पैसा आज भी बाकी रहता है।
देखने वाली वाली बात है, कि छ.ग. में ऐसे बहोत से ठग संगठन बन चूके हैं। जो पत्रकारो के हित की बात करने वाले ओ अपने हित में बात कर रहें। कहीं पत्रकार सुरक्षा कानून की पारदर्षिता का उल्लेख नहीं कीया जा रहा हैं। और भारत सरकार ष्षासन से मांग कर रहें है। पत्रकार सूरक्षा कानून होना अति आवष्यक है। जिसमें मांग करने वालो को यहीं नहीं मालूम की पत्रकार कहीं अनपड़ होता जिनको अपना नाम लिखना तक नहीं जानते जो कीे पत्रकारिता की बात करने वाले चैथे स्तंभ का उदाहरण देते है। जो की गांजा, शराब, मिट, मटन, आलू – प्याज बेचने वाले वेब पोर्टल बना- बनाकर व्यवपार बना लिए है, यहा तक की कुछ महिलाए अपने धर्म परिवर्तन पर भी उतारू व अपने राज्य तक का भी त्याग कर चुके हैं।

इन सभी बातो को लेकर ऐसा लोगो की विचारधाराए आतंकियो व गूंड़ो से तालमेल खा रही है। जो व्यक्ति इमानदार व अच्छी लेखनी वाले वह किसी भी संघ-ठंग से नहीं जूड़े हैं। यहा तक सभी मंत्रियों के पास ऐसे ऐसे दलालो के द्वारा मंत्रियों को गूमराह व फेक न्यूज में भरोसा रह गया हैं।
आगे चूनाव में जैसे पूर्व विधयको के उपर दलाल मिडिया के नाम पर भरोसा होता रहा उसी प्रकार आज भी कंडीशन दिख रहा हैं। आगे लोगो के विचार धाराए आने पर और दिया जाएगा।

 

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