सूरजपुर, 23 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा खाद्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने खाद्य, कृषि, उद्यानिकी, पशुधन, मत्स्य एवं रेशम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विभागवार जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने उचित मूल्य दुकानों में चावल जमा की स्थिति, खाद्य निरीक्षकों द्वारा किए जा रहे निरीक्षण, ई-केवाईसी की प्रगति तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रभावी संचालन की समीक्षा की। उन्होंने हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने और ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने सहकारी समितियों के माध्यम से समितिवार उपलब्ध खाद-बीज के भंडारण एवं वितरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने देने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तथा एग्रिस्टेक पोर्टल पर किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। 
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए विगत वर्षों में योजना से लाभान्वित किसानों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वर्तमान खरीफ सीजन में योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र एवं अपात्र किसानों की पृथक जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में सभी एसएडीओ से जिले में वर्षा की स्थिति, धान रोपाई तथा अन्य खरीफ फसलों की बुवाई की प्रगति की जानकारी ली गई। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन तथा सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की। वाटरशेड कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिले में संचालित कार्यों की जानकारी लेकर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने उद्यानिकी फसलों के रकबे एवं उत्पादन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राज्य पोषित योजनाओं, केसीसी निर्माण, मत्स्य पालन के साथ विभिन्न योजनाओं के समन्वय, व्यावसायिक स्तर पर गुलाब, लिली एवं गेंदा फूल उत्पादन, अदरक एवं हल्दी की खेती के विस्तार, मधुमक्खी पालन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत लीची एवं नाशपाती उत्पादन, किसानों के प्रशिक्षण, राष्ट्रीय बांस मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तथा मिशन ऑन एग्रोफॉरेस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा के दौरान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं उनकी प्रगति की जानकारी लेकर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर बल दिया।
मत्स्य विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने मत्स्य बीज उत्पादन, झींगा उत्पादन, केज कल्चर, जिले में उपलब्ध जल संसाधनों की स्थिति तथा बारहमासी एवं मौसमी तालाबों का श्रेणीवार वर्गीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की प्रगति तथा अमृत सरोवरों में मत्स्य उत्पादन की संभावनाओं के सर्वेक्षण की भी समीक्षा की।
पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पशुपालन, कुक्कुट पालन एवं सुकर पालन की स्थिति, पशु स्वास्थ्य सेवाओं, कृत्रिम गर्भाधान, विभिन्न पशु रोगों की रोकथाम हेतु टीकाकरण, मोबाइल वेटनरी यूनिट की कार्यप्रणाली तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्व-सहायता समूहों की पशु सखियों को विभागीय गतिविधियों से जोड़ने, हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था, उन्नत नस्ल की बकरी पालन हेतु कार्ययोजना तैयार करने तथा बैकयार्ड पोल्ट्री, सुकर पालन, सांड वितरण, पशुधन मित्र योजना, डेयरी उद्यमिता एवं बकरी उद्यमिता जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जिले के अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में उप संचालक कृषि, उप संचालक पशुधन विकास, जिला विपणन अधिकारी, जिला खाद्य अधिकारी, सहायक संचालक उद्यानिकी, सहायक संचालक मत्स्य, रेशम विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

