सफलता की कहानी
एमसीबी/23 जुलाई 2026/ जीवन में एक सुरक्षित और सम्मानजनक घर केवल चार दीवारों का नाम नहीं होता, बल्कि यह परिवार के आत्मविश्वास, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी होता है। जिले के विकासखंड खड़गवां की ग्राम पंचायत नेवरी के निवासी नानसाय के जीवन में भी ऐसा ही सुखद परिवर्तन प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से आया है। वर्षों तक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर नानसाय का परिवार आज अपने पक्के और सुरक्षित घर में खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है।
नानसाय बताते हैं कि पहले उनका परिवार मिट्टी और खपरैल से बने कच्चे मकान में रहता था। बरसात के दिनों में घर की छत से पानी टपकता था, दीवारों में नमी और दरारें आ जाती थीं तथा तेज हवा और बारिश के दौरान हर समय किसी अनहोनी का डर बना रहता था। परिवार के छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता हमेशा बनी रहती थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण स्वयं के संसाधनों से पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था। ऐसे में वे वर्षों से एक सुरक्षित आवास का सपना संजोए हुए थे।इसी दौरान शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उनका चयन हुआ। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उन्हें योजना का लाभ मिला और शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता के माध्यम से उन्होंने अपने सपनों का पक्का मकान तैयार किया। आज उनका परिवार एक मजबूत, सुरक्षित और स्वच्छ आवास में सम्मान पूर्वक जीवन यापन कर रहा है।नया घर बनने के बाद नानसाय के परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। अब बारिश के मौसम में पानी टपकने या घर गिरने का भय नहीं रहता। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है, परिवार के सदस्यों का आत्मविश्वास बढ़ा है और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है। अब उनका घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नई पहचान बन चुका है।नानसाय कहते हैं कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके वर्षों पुराने सपने को साकार कर दिया। यदि यह योजना नहीं होती तो शायद वे आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर होते। शासन की इस जनहितकारी योजना ने उन्हें सुरक्षित आशियाना ही नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मविश्वास के साथ बेहतर जीवन जीने का अवसर भी दिया है।वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि सरकार की यह योजना विशेष रूप से गरीब एवं वंचित परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे ऐसे परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने की नई राह मिली है, जो वर्षों से पक्के घर का सपना देख रहे थे।

