समाचार Nilesh sony
एम.सी.बी. मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनपद ग्राम पंचायत मटकडोल में प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पंचायत के पंचों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को सौंपे गए आवेदन में सरपंच के कार्यों पर आपत्ति जताते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत रेत खदान (खसरा क्रमांक 53, रकबा 4.00 हेक्टेयर)
के संचालन को लेकर नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। पंचों का कहना है कि शासन के निर्धारित प्रावधानों के तहत प्रस्ताव पारित किए बिना एवं सर्वसम्मति के अभाव में खनन कार्य कराया गया। साथ ही, खनिज विभाग से अनुमति प्राप्त होने के बावजूद ग्राम पंचायत स्तर पर आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया।


आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरपंच द्वारा मनमाने तरीके से कुछ व्यक्तियों के माध्यम से रेत उत्खनन कराया गया, जिससे पंचायत को अपेक्षित राजस्व का लाभ नहीं मिल सका।
पंचों ने आरोप लगाया कि आज दिनांक तक आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पंचों के अनुसार, 24 मई 2026 तक इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी साझा नहीं की गई, जो प्रशासनिक पारदर्शिता के विपरीत है। वर्तमान स्थिति में रेत खदान का संचालन भी प्रभावित बताया जा रहा है।
इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए पंचों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने एवं सरपंच के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और पंचायत स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

