📍 सोनहत (जिला कोरिया)
| विशेष रिपोर्ट/Nilesh Soni
जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत स्थित मिनी स्टेडियम, जो कभी खेल प्रतिभाओं के विकास और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र हुआ करता था, आज गंभीर अव्यवस्था और लापरवाही का शिकार होता नजर आ रहा है।
मैदान में आए दिन शराब की खाली बोतलें, कांच के टुकड़े और गंदगी का अंबार देखने को मिल रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में गहरी नाराजगी है।
शाम के समय इस मैदान में छोटे बच्चे, युवा और बुजुर्ग टहलने एवं खेलने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मैदान में बिखरी कांच की बोतलें उनके लिए खतरा बन चुकी हैं।
अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों पर न केवल शारीरिक चोट का खतरा है, बल्कि सामाजिक और मानसिक रूप से भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन एवं गंदगी फैलाना भारतीय कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है।
धारा 290 के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
साथ ही, छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थलों पर शराब सेवन प्रतिबंधित है।
स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) एवं थाना प्रभारी सोनहत से मांग की है कि:
मिनी स्टेडियम परिसर में नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए
असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए
सफाई व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए
CCTV कैमरे एवं सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की जाए


सामाजिक चेतना की भी आवश्यकता
केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज के जागरूक नागरिकों को भी आगे आकर ऐसे कृत्यों का विरोध करना होगा।
खेल मैदान जैसे सार्वजनिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह मैदान पूरी तरह असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन सकता है।


जरूरत है कि प्रशासन और समाज मिलकर इसे पुनः एक सुरक्षित और स्वच्छ खेल परिसर के रूप में स्थापित करें।

