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सोनहत (कोरिया)।
“₹50 हजार के कार्य में नियमों की धज्जियां: ग्राम पंचायत नौगई में बिना स्वीकृति निर्माण, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा”
ग्राम पंचायत नौगई में भ्रष्टाचार मूलभूत राशियों का दुरुपयोग
जिला पंचायत, कलेक्टर और स्थानीय विधायक से कार्रवाई की मांग; सचिव अनमोल भूतनाथ पर गंभीर आरोप
जिले की ग्राम पंचायत नौगई से एक बार फिर पंचायती व्यवस्था में लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की तस्वीर सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचायत में लगभग ₹50,000 से अधिक की लागत से नहानी घर (स्नान गृह) का पुनर्निर्माण कार्य कराया गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि यह कार्य बिना किसी तकनीकी स्वीकृति और वैध एस्टीमेट के ही शुरू कर दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा पहले से मौजूद 7 नहानी घरों को जबरन तोड़कर दोबारा निर्माण कराया गया, जिससे न केवल सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ बल्कि आम जनता को असुविधा का सामना भी करना पड़ा। सवाल यह उठता है कि क्या पंचायत को तकनीकी अनुमोदन और एस्टीमेट बनवाना आवश्यक नहीं लगा, या फिर जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई?

इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत के सचिव अनमोल भूतनाथ की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके कार्यकाल में मूलभूत सुविधाओं के नाम पर राशि का सही उपयोग नहीं हुआ, और पंचायत में पारदर्शिता का अभाव साफ नजर आता है।
जनता की चेतावनी:
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो वे इसे जनदर्शन के माध्यम से कलेक्टर कोरिया के सामने उठाएंगे और उच्च स्तर तक शिकायत पहुंचाएंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि
जिला पंचायत कोरिया क्या इस मामले में संज्ञान लेगी?
स्थानीय विधायक क्या अपने क्षेत्र की इस अनियमितता पर जवाबदेही तय करेंगे?
और सबसे अहम, कलेक्टर कोरिया क्या इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे?
अगर पंचायत स्तर पर ही इस तरह नियमों को दरकिनार कर सरकारी धन का उपयोग किया जाएगा, तो आम जनता का विश्वास व्यवस्था से उठना तय है।
ऐसे मामलों में कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता है, जिससे भविष्य में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके।

