बस्तर संभाग में अब किसी भी आपात स्थिति में लोगों को पहले से कहीं ज्यादा तेज, आधुनिक और हाईटेक मदद मिलने वाली है। सड़क हादसा हो, आगजनी की घटना, महिलाओं से जुड़ा मामला या अचानक स्वास्थ्य संकट—अब सिर्फ एक कॉल पर मल्टी-इमरजेंसी सुविधा लोगों तक पहुंचेगी।
इसके लिए बस्तर संभाग के सातों जिलों को कुल 31 नई हाईटेक डायल-112 गाड़ियां दी गई हैं, जिनमें अकेले बस्तर जिले को 11 वाहन मिले हैं। पुलिस विभाग का दावा है ,
नई डायल-112 गाड़ियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें मल्टी-रिस्पॉन्स व्हीकल के रूप में तैयार किया गया है। यानी एक ही वाहन पुलिस सहायता, प्राथमिक चिकित्सा और शुरुआती फायर रिस्पॉन्स जैसी सुविधाओं से लैस है। अब किसी घटना के दौरान अलग-अलग विभागों के पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

नई व्यवस्था सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में काफी अहम मानी जा रही है। कई बार हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
नई इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्यवस्था में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी जोड़ा गया है। अब लोग सिर्फ फोन कॉल ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन और सोशल मीडिया के जरिए भी घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग घबराहट या दूसरी परिस्थितियों के कारण कॉल नहीं कर पाते।
बस्तर संभाग का बड़ा हिस्सा जंगल और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में फैला हुआ है, जहां पहले पुलिस या मेडिकल सहायता पहुंचने में काफी समय लग जाता था। नई डायल-112 गाड़ियों को ऐसे कठिन इलाकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

