📍 विशेष समाचार | बेनी माधव कुशवाहा, डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर शहडोल
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के विकासखंड जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम दादर में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है।
आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र की लगातार अनियमितता और बंद रहने की स्थिति ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
भीषण गर्मी के इस दौर में जहां स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे अधिक जरूरत होती है, वहीं यह केंद्र अधिकांश समय बंद पाया जा रहा है।
जब कभी खुलता भी है तो कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं रहते, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी गुमराह किया जा रहा है।


लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी स्थानीय विधायक को गलत जानकारी देकर कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
गांव में बुखार, डायरिया, उल्टी जैसी मौसमी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन प्राथमिक उपचार तक उपलब्ध नहीं है।
मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है, जो इस भीषण गर्मी में किसी सजा से कम नहीं है।
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विशेष रूप से सीएमओ, शहडोल से तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र दादर को नियमित रूप से संचालित करने की अपील की है।
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यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सवाल सिर्फ एक स्वास्थ्य केंद्र का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही का है।

