रिपोर्ट नीलेश सोनी
कुदरगढ़ (छत्तीसगढ़)।
प्रदेश के सुप्रसिद्ध आस्था केंद्र कुदरगढ़ देवी धाम में हाल ही में हुई अग्नि दुर्घटना ने श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया।
यह घटना भले ही दुःखद रही, लेकिन माता रानी की असीम कृपा से मंदिर का गर्भगृह पूरी तरह सुरक्षित रहा और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस खबर से भक्तों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग की चपेट में आने से घोषणा कक्ष एवं यात्री विश्राम स्थल को नुकसान पहुंचा है, जिससे धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, समय रहते मंदिर समिति, प्रशासन और अग्निशमन दल की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया और बड़ी अनहोनी टल गई।

धार्मिक दृष्टिकोण से इसे माता रानी की कृपा और संरक्षण का प्रतीक माना जा रहा है, जहां विपत्ति के बीच भी मुख्य धाम सुरक्षित रहा।
श्रद्धालुओं ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए माता रानी से प्रार्थना की है कि मंदिर शीघ्र ही अपने पूर्व स्वरूप में लौटे और पुनः भक्तों की सेवा में समर्पित हो।


साथ ही, मंदिर ट्रस्ट एवं प्रबंधन से यह अपेक्षा की जा रही है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुदृढ़ अग्नि सुरक्षा एवं आपात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस कठिन समय में सभी की निगाहें पुनर्निर्माण कार्यों पर टिकी हैं, ताकि आस्था का यह प्रमुख केंद्र जल्द ही पुनः श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक बनकर खड़ा हो सके।

