कोरबा . जिले में खाद की कालाबाजारी को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा खाद वितरण व्यवस्था में बायोमेट्रिक व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब किसानों को उर्वरक लेने के लिए शासन के अधिकृत पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा,
जिसमें ई-केवाईसी व आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है,नई प्रणाली पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ई-उवर्रक पोर्टल पर होगी।
ऋणी किसान अपनी सहकारी समिति या चॉइस सेंटर के माध्यम से पंजीयन करवा पाएंगे। अऋणी किसान केवल चॉइस सेंटर के माध्यम से पंजीयन करवाएंगे।

पंजीयन के बाद किसान का डेटा सिस्टम में दर्ज हो जाएगा और वह खाद लेने के लिए पात्र हो जाएगा, पंजीयन हो जाने के बाद बार-बार दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी।
खाद का लेन-देन अब पूरी तरह से ऑनलाइन दर्ज होगा। कौन किसान कितनी मात्रा में खाद ले रहा है, यह जानकारी पोर्टल पर अपडेट होगी। दुकान पर पीओएस मशीन के माध्यम से अंगूठे का निशान लेकर पहचान सुनिश्चित की जाएगी। खाद लेने के बाद रिकॉर्ड और बची हुई खाद की मात्रा तुरंत पोर्टल पर अपडेट हो जाएगी।

