मिडिल-ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
शनिवार को एक बार फिर पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं,
छत्तीसगढ़ जैसे बड़े और कृषि प्रधान राज्य में ईंधन की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर हर घर तक पहुंचेगा। राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जगदलपुर और अंबिकापुर जैसे शहरों में रोजाना वाहन से सफर करने वाले लोगों का मासिक बजट बढ़ जाएगा।

छत्तीसगढ़ में बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। डीजल महंगा होने से ट्रैक्टर, थ्रेसर, सिंचाई पंप और कृषि मशीनों के संचालन की लागत बढ़ेगी। इससे खेती की लागत बढ़ने का सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा।
ईंधन महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ता है। ट्रक और मालवाहक वाहनों की लागत बढ़ने से सब्जियां, राशन, दूध, फल और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। यानी पेट्रोल-डीजल की यह बढ़ोतरी आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में महंगाई की नई लहर ला सकती है। लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

