विशेष रिपोर्ट गणेश सोनी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों से प्रकृति के प्रति मित्रवत व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जहां भी हम रहें, वहां पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दें और आधुनिक तकनीकों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सकारात्मक उपयोग करें।
रायगढ़ में आयोजित संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग के बौद्धिक सत्र में मार्गदर्शन देते हुए भागवत ने स्वयंसेवकों को सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की सीख दी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रकृति और तकनीक के बीच संतुलन बनाना अत्यंत आवश्यक है।
संघ प्रमुख ने राष्ट्रीय मुद्दों पर भी स्वयंसेवकों का ध्यान आकृष्ट किया और संगठन की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवकों ने उनसे भेंट कर अपना परिचय दिया।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय और प्रांतीय पदाधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई। भागवत तीन दिवसीय प्रवास पर रायगढ़ पहुंचे हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 22 मई की रात्रि को प्रस्थान करेंगे।
बताया जा रहा है कि कार्यकर्ता विकास वर्ग में मध्य क्षेत्र के विभिन्न प्रांतों—मालवा, मध्य भारत, महाकौशल और छत्तीसगढ़—से सैकड़ों स्वयंसेवक प्रशिक्षण ले रहे हैं।
संघ प्रमुख का यह संदेश न केवल संगठन के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी संतुलन का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

