बस्तर में आज से ठीक 12 दिन बाद एक ऐतिहासिक बैठक होगी। यह बैठक लाल आंतक से चार दशक तक जूझते रहे बस्तर के लिए बेहद खास है। ऐसी बैठक बस्तर में कभी नहीं हुई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 19 मई को जगदलपुर में चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक करेंगे। इस बैठक के बस्तर में होने की घोषणा पिछले साल 24 जून को वाराणसी में हो गई थी।
अब नए बस्तर में चार राज्यों की आवाज गूंजेगी। इस बैठक के जरिए बस्तर में कायम हुई शांति का संदेश समूचे देश को देने की तैयारी है। कभी नक्सल हिंसा के साये में रहने वाला बस्तर अब एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है।

बस्तर में इस हाई लेवल मीटिंग का होना अपने आप में बड़ा संदेश है। एक समय में जहां सुरक्षा कारणों से बड़े आयोजन मुश्किल थे, वहीं अब देश के चार बड़े राज्यों के मुख्यमंत्री यहां एक साथ बैठकर नीतियां तय करेंगे। यह बदलाव नक्सलमुक्ति के बाद क्षेत्र में स्थापित हो रहे विश्वास, सुरक्षा और विकास का प्रतीक माना जा रहा है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद जो 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत बनी एक महत्वपूर्ण सलाहकार संस्था है का उद्देश्य राज्यों के बीच समन्वय और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। देश के सभी राज्यों के बीच ६ परिषद का गठन किया गया है जिनकी बैठक समय-समय पर संबंधित राज्यों में होती है। बात करें छत्तीसगढ़ की तो यहां पर परिषद की इससे पहले एक ही बैठक हुई है जो कि साल 2020 में नया रायपुर में हुई थी।

